DNN नौणी
हिमाचल प्रदेश राज्य वन विकास निगम के उपाध्यक्ष श्री केहर सिंह खाची ने आज डॉ. यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी का दौरा किया और विश्वविद्यालय के कुलपति और वैज्ञानिकों के साथ बातचीत की। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल ने श्री खाची का स्वागत किया और वानिकी और बागवानी में विश्वविद्यालय द्वारा किए गए विभिन्न शोध गतिविधियों के बारे में बताया।

विश्वविद्यालय द्वारा वन क्षेत्र में अनुसंधान गतिविधियों को प्रदर्शित करने के लिए वानिकी महाविद्यालय के विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे अनुसंधान परीक्षणों का क्षेत्रीय दौरा किया गया। इस दौरान, उपाध्यक्ष ने विश्वविद्यालय द्वारा विकसित बोर होल रेसिन निष्कर्षण विधि पर उन्नत अनुसंधान परीक्षणों के बारे में जाना। उन्होंने उन विषयों पर शोध करने में विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के प्रयासों की सराहना की जो वनों के जीवन और वन संपदा के मूल्य को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। लकड़ी कार्यशाला, हर्बेरियम, हर्बल गार्डन, वन उत्पाद और औषधीय पौधों के क्षेत्र का दौरा भी किया गया जहाँ उन्हें विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे कार्यों से अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त उन्होंने उच्च घनत्व वाले सेब बागानों, कीवी ब्लॉक, पुष्प शिल्प प्रयोगशाला और फ्लोरिकल्चर फील्ड का भी दौरा किया।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय वनों के कई पहलुओं पर बेहतरीन काम कर रहा है। राज्य वन विभाग और विश्वविद्यालय के बीच अधिक सहयोग बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि इस अच्छे काम को राज्य के वनों में लागू किया जा सके। विश्वविद्यालय और वन विभाग के बीच संवाद को भी बढ़ाया जाएगा ताकि वनों के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हो सके।
इस अवसर पर साथ हिमाचल प्रदेश राज्य वन विकास निगम के सोलन और सिरमौर के मंडलीय प्रबंधक, और निगम के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। क्षेत्र भ्रमण के दौरान अनुसंधान निदेशक डॉ. संजीव चौहान, डीन वानिकी डॉ. चमन ठाकुर, संयुक्त निदेशक अनुसंधान डॉ. राजेश कौशल, डॉ यशपाल शर्मा, डॉ भूपेन्द्र दत्त और वानिकी एवं बागवानी महाविद्यालय के वैज्ञानिक उपस्थित थे।















