DNN कुल्लू
5 नवम्बर। कन्या भू्रण हत्या और गिरते लिंगानुपात को रोकने के लिए पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसी एण्ड पीएनडीटी) एक्ट के अंतर्गत जन्म से पूर्व शिशु के लिंग की जांच पर पूरी तरह से पाबंदी है और ऐसा करना कानूनन अपराध है। यह बात मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. सुशील चन्द्र ने क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में इस संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
बैठक में जिला के तीन निजी अस्पतालों को अल्ट्रासाउंड मशीनें क्रय करने की अनुमति प्रदान की गई। इन अस्पतालों में भागमली मैमोरियल अस्पताल आनी, हरीहर अस्पताल मनाली तथा कुल्लू वैली अस्पताल भुंतर को सुंदरनगर से भुंतर में अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करने को अनुमोदन प्रदान किया गया।
डाॅ. सुशील चन्द्र ने कहा कि जिला में अल्ट्रासाउंड मशीनों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। समय-समय पर चिकित्सा अधिकारियों द्वारा इन मशीनों की स्थापना स्थल के औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं ताकि अधिनियम के प्रावधानों की अनुपालना सुनिश्चित बनाई जा सके।
बैठक में अधिनियम के तहत गठित समिति के सदस्यों में जिला न्यायवादी एन.एस. चैहान, डा. अमर सिंह ठाकुर, बाल रोग विशेषज्ञ, डा0 दीपेश्वर, स्त्री रोग विशेषज्ञ , डाॅ. पदम नेगी, रेड़ियोलाॅजिस्ट तथा गैर सरकारी सदस्य एवं बीडीसी सदस्य सैंज बनवारी लाल ठाकुर, प्रदीप कुमार मौजूद रहे।















