मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से ममलीग में 500 किलोवाट माउंटेड सौर ऊर्जा परियोजना का किया लोकार्पण

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-स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए वर्तमान प्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत – डॉ. शांडिल

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मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत ममलीग में वर्चुअल माध्यम से 500 किलोवाट माउंटेड सौर ऊर्जा परियोजना का लोकार्पण किया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल इस अवसर पर सोलन विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत ममलीग के गांव कायसू में मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित थे।
डॉ. शांडिल ने कहा कि प्रदेश में स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए वर्तमान प्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायत ममलीग में हिम ऊर्जा द्वारा ग्रीन पंचायत योजना के तहत 500 किलोवाट क्षमता की ग्राउंड माउंटेड सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित की गई है। इस परियोजना से वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 03 हजार यूनिट स्वच्छ विद्युत उत्पादन हो रहा है, जबकि इसका वार्षिक अनुमानित उत्पादन लगभग 08 लाख यूनिट है।
उन्होंने कहा कि इस ऊर्जा की खरीद के लिए विद्युत बोर्ड के साथ 3.50 रुपए प्रति यूनिट की दर से पावर परचेज एग्रीमेंट किया गया है। इससे राज्य को स्वच्छ ऊर्जा के साथ-साथ दीर्घकालिक एवं स्थिर राजस्व प्राप्त होगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि परियोजना से प्राप्त आय का 25 प्रतिशत ग्राम पंचायत के विकास कार्यों, 25 प्रतिशत बेसहारा के कल्याण, 20 प्रतिशत हिमाचल प्रदेश सरकार, 20 प्रतिशत हिम ऊर्जा तथा 10 प्रतिशत संचालन एवं रखरखाव पर व्यय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से स्थानीय लोगों को आर्थिक व सामाजिक लाभ मिलेगा।
डॉ. शांडिल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को हरित राज्य बनाने के दिशा में यह परियोजना एक प्रेरणादायक कदम सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण विकास तथा सामाजिक समृद्धि होगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में प्रदेश के लोगों तक उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिमला के अटल इंस्टीच्यूूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज़, चमियाना (एआईएमएसएस) में अत्याधुनिक 3-टेस्ला एमआरआई सुविधा को स्थापित किया जा चुका है। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज, शिमला के बाद एआईएमएसएस प्रदेश का दूसरा सरकारी स्वास्थ्य संस्थान बन गया है, जहां यह उन्नत इमेजिंग तकनीक उपलब्ध करवाई गई है। लगभग 23 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित यह अत्याधुनिक 3-टेस्ला एमआरआई मशीन बेहतर गुणवत्ता की इमेजिंग, कम समय में जांच तथा अधिक सटीक निदान की सुविधा प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक से सुसज्जित करना वर्तमान राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि इस उन्नत एमआरआई सुविधा के शुरू होने से विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी विभागों की निदान क्षमता अत्यधिक सुदृढ़ होगी, जिससे चिकित्सकों को जटिल बीमारियों का अधिक प्रभावी ढंग से पता लगाने और उनका उपचार करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि अब मरीजों को एमआरआई जांच के लिए संस्थान से बाहर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे उनके समय और धन दोनों की बचत होगी तथा उन्हें गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी।
डॉ. शांडिल ने इस अवसर पर जन समस्याएं भी सुनीं और इनके शीघ्र निपटारे के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत ममलीग के प्रधान भूमि नंद, ग्राम पंचायत ममलीग के उप प्रधान हरि दत्त शर्मा, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिम ऊर्जा कमलकांत सरोच, उपमण्डलाधिकारी कण्डाघाट गोपाल शर्मा, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता रवि कपूर, वरिष्ठ परियोजना अधिकारी डी.एन. शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति व ग्रामीण उपस्थित थे।

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