DNN सोलन
नया वाहन खरीदकर उसे कंपनी में लगाकर गरीबों को हर महीने पैसे दिलवाने के नाम पर कुछ लोगों ने गरीबों से महंगे वाहन फाइनेंस करवा दिए और उन्हें साथ लगते राज्यों में बेच दिया। इस मामले में विजीलैंस एंड एंटी क्रप्शन ब्यूरो सोलन की टीम ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी सोलन में लोगों से नाम बदलकर डील किया करते थे, जबकि उनके असली नाम कुछ और है। विजीलैंस ने ऐसे 3 वाहनों को भी बरामद किया है।
विजीलैंस को विभिन्न लोगों से करीब 9 शिकायतें प्राप्त हुई। लोगों ने शिकायत में बताया कि कुछ लोगों ने उन्हें यह झांसा देकर उनसे महंगे वाहन फाइनेंस करवाए कि इन वाहनों को वे विभिन्न कंपनियों में लगवाएंगे और उन्हें 30 हजार रुपए महीना मिलेगा। लोगों ने इस लालच में आकर विभिन्न दस्तावेज देकर वाहन फाइनेंस करवा दिए। इसके बाद इन्होंने इन वाहनों को लेकर आगे लोगों को बेच दिया। जब लोगों को 30 हजार रुपए नहीं मिले और फाइसेंसरों के पास गाड़ी की किश्तें बकाया हो गई, तो लोगों ने यह कार्य करवाने वाले लोगों से अपने वाहन वापिस मांगे, लेकिन वह आनाकानी करने लगे। इसके बाद मामले की शिकायत विजीलैंस के पास पहुंची।
विजीलैंस टीम ने शिकायतों के आधार पर मामले की जांच शुरू की और पाया कि सुशील, हरप्रीत उर्फ हन्नी व सुखवीर की तलाश शुरू की। जांच में विजीलैंस ने पाया कि इन तीनों आरोपियों ने जो नाम सोलन व शिमला में लोगों को अपनी पहचान के लिए बताए थे, वह इनके असली नाम नहीं है। जांच के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को कालका, मोहाली व पटियाला से गिरफ्तार किया। जिनकी पहचान अमित कुमार निवासी कालका, प्रदीप निवासी मोहाली व विमल निवासी पटियाला के तौर पर हुई है। डीएसपी संतोष शर्मा ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि आरोपियों से पूछताछ के बाद इनकी निशानदेही पर 3 वाहनों को बरामद कर लिया है। उन्होंने कहा कि मामले में जांच जारी है।















