SCERT अध्यापकों ने ऑनलाइन माध्यम से जानी राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, प्रतियोगिता में 22,153 स्कूल स्तर पर अध्यापकों ने लिया भाग

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DNN सोलन ब्यूरो
24 अक्तूबर। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद सोलन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से तीन चरणों में किया गया। प्रथम चरण की प्रतियोगिता 5 सितंबर से शुरू होकर शनिवार को अंतिम चरण में सम्पन्न हुई। जिसमे प्रतिभागी द्वारा फ़िल्म , पोस्टर और पावर प्वाइंट प्रस्तुति या स्लाइड के रूप में ही अपनी अपनी प्रविष्टियों चिन्हित साइड पर भेजी गई। इस प्रतियोगिता का विषय सरकारी स्कूलों पर शिक्षा देने के 12 मुख्य बन्दुओं पर रखा गया। जिसमे से बचपन की देखभाल और शिक्षा सीखने की नींव, मूलभूत साक्षरता और संख्या सीखने के लिए एक आवश्यक और आवश्यक शर्त, सभी स्तरों पर शिक्षा को छोड़ने की दर और सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करना। स्कूलों में पाठ्यक्रम और शिक्षाशास्त्र सीखना समग्र, समेकित, आनंददायक और संलग्न होना चाहिए, शिक्षक और शिक्षक शिक्षा, समान और समावेशी शिक्षा सभी के लिए सीखना।
स्कूल परिसरों / समूहों के माध्यम से कुशल पुनर्वास और प्रभावी शासन, स्कूल शिक्षा के लिए मानक-स्थापना और प्रत्यायन, व्यावसायिक शिक्षा को फिर से कल्पना करना, वयस्क शिक्षा, भारतीय भाषाओं, कला और संस्कृति का संवर्धन सहित ऑनलाइन और डिजिटल शिक्षा प्रौद्योगिकी के समान उपयोग को सुनिश्चित करना था। इस प्रतियोगिता में प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों के करीब 22153 अध्यापकों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के अंतिम चरण में प्रदेश भर के प्रत्येक जिलों से आईं लगभग 120 प्रविष्टियों का चार सदस्यों टीम के निर्णायको द्वारा मूल्यांकन कर उनमे से 10 बेहतरीन  प्रविष्टियों को चुना गया है। जिनको राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता के लिए प्रदेश की ओर से भेजा जाएगा।
इस प्रतियोगिता के अंतिम चरण में प्रदेश भर से आई 120 प्रविष्टियों में से 10 अध्यापकों की प्रविष्टियों को श्रेष्ठ चुना गया। जिनमें हमीरपुर जिला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय  कांगू के अध्यापक विनोद कुमार, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चोरू के अध्यापक सुरेश कुमार, मंडी जिला के राजकीय हाई स्कूल ओट के अध्यापक  हरीश ठाकुर ,सिरमौर जिला के मलगांव सरकारी हाई स्कूल की अध्यापिका वंदना कुमारी , सरकारी हाई स्कूल देवना ठांगा के अध्यापक नरेंद्र सिंह ,सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक द्यिालय दारो देवरिया के अध्यापक सुरेंद्र सिंह, कांगड़ा जिला के सरकारी प्राथमिक स्कूल पाहड़ा के अध्यापक निखिल चैधरी, सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल कोटला के अध्यापक राजेंद्र जम्बवाल, जिला शिमला के सरकारी प्राथमिक स्कूल सूम के अध्यापक संदीप एवं सरकारी हाई स्कूल भरेश की अध्यापिका भरेश की प्रविष्टियों को प्रथम दस चुनिंदा प्रविष्टियों में स्थान मिला है।
इस ऑनलाईन प्रतियोगिता के बारे में जानकारी देते हुए ( SCERT) एससीईआरटी के राज्य नोडल अधिकारी शिव कुमार शर्मा ने बताया कि यह प्रतियोगिता ऑनलाइन प्रक्रिया से 5 सितंबर से लेकर 30 सितंबर तक प्रदेश भर के तमाम स्कूली स्तर पर चलाई गई। जिसमें 22153 स्कूल स्तर पर अध्यापकों ने भाग लिया। स्कूल स्तर से लेकर खंड स्तर तक और फिर खंड स्तर पर हुए मूल्यांकन से 953 में से 120 प्रविष्टियों चुनी गई।
मीडिया से बात करते हुए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की प्राचार्य डाॅ नीलम कौशिक ने बताया कि राज्य स्तर पर परिषद में निर्णायकों द्वारा प्रविष्टियों का मूल्यांकन आनलाइन स्तर पर करवाया गया। राज्य स्तर पर परिषद में हुए मूल्यांकन में प्रदेश भर से आई 120 प्रविष्टियों में से 10 अध्यापकों की प्रविष्टियों को श्रेष्ठ चुना गया। डाॅ0 कौशिक ने बताया कि प्रदेश स्तर पर चयन के बाद अब ये 10  प्रविष्टियां राष्ट्रीय स्तर पर मूल्यांकन के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद दिल्ली को भेजी जाएंगी।  राष्ट्रीय स्तर पर चयनित प्रविष्टियों को केन्द्रिय शिक्षा मंत्रालय , राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद दिल्ली, हिमाचल प्रदेश सरकार, हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग द्वारा प्रदर्शित किया जाएगा।

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