DNN सोलन
सोलन जिला के कंडाघाट में कांग्रेस की एक बैठक हुई। इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखवींद्र सिंह सूक्खू ने भाग लिया और सरकार की घेराबंदी की। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है। सुक्खू ने कंडाघाट में संबोधित करते हुए कहा कि जयराम सरकार जमीन लीज पर देने के लिए पिक एंड चूज की नीति अपना रही है। चहेतों को भूमि लीज पर देकर रेवडिय़ां बांटने का काम जोरों पर है। सरकार को सभी के लिए एक समान लीज नीति बनानी चाहिए। जिसके तहत हर छोटा बड़ा व्यक्ति सरकारी जमीन लीज पर ले सके। सुखविंद्र सुक्खू ने कहा कि भाजपा सरकार ने एक साल से भी कार्यकाल में पर्दे के पीछे बड़े खेल किए हैं। कांग्रेस ने भाजपा सरकार के एक साल पूरा होने पर चार्जशीट लाने का फैसला लिया है, जिसके लिए एक सप्ताह के भीतर चार्जशीट कमेटी गठित कर दी जाएगी। चार्जशीट में भाजपा के अनेक मंत्रियों और नेताओं के चेहरे बेनकाब होंगे। सरकार की करनी और कथनी में भारी अंतर है। सुक्खू ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं से एकजुट होकर भाजपा के काले कारनामों को घर घर तक पहुंचाने का आह्वन किया। कांग्रेस अध्यक्ष ने शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद वीरेंद्र कश्यप पर एक के बाद एक सवाल दागे। उन्होंने कहा कि सांसद खुद भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं। भ्रष्टाचार में के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का ढिंढोरा पीटने वाली भाजपा का सांसद होने पर उन्होंने पद से इस्तीफा क्यों नहीं दिया। सांसद जनता को बताएं कि उनकी साढ़े चार साल के कार्यकाल की क्या उपलब्धियां हैं। वह कौन सा बड़ा प्रोजेक्ट संसदीय क्षेत्र में लाए और कितने सवाल संसद में उठाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते लोकसभा चुनाव के समय सोलन जिले में टमाटर उद्योग लगाने का वादा किया था। पीएम व स्थानीय सांसद जनता को जवाब दें कि उद्योग क्यों जुमला बनकर रह गया। सोलन जिले में टमाटर उत्पादक किसानों को पैदावार का दाम पहले से भी कम मिल रहा है। अगर उद्योग लगता को उनका टमाटर ऊंचे दामों पर बिकता।
शीतकालीन सत्र में सरकार लाए नशे के खिलाफ कड़े कानून का बिल
कांग्रेस अध्यक्ष के अनुसार नशाखोरी रोकने के भाजपा सरकार के दावे खोखले हैं। सोलन जिले में चिट्टड्ढा और सिंथेटिक ड्रग्स का कारोबार तेजी से फलफूल रहा है। सरकार नशाखोरी खत्म करने के लिए कानून बनाने की बात तो करती हैए लेकिन जब कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने सीएम से मुलाकात कर कड़े कानून के लिए विधानसभा में बिल लाने की मांग रखी तो सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। जिससे सरकार की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रदेश का 29 फीसदी युवा नशे की गिरफ्त में है, सरकार को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में नशे के खिलाफ कड़े कानून के लिए दमदार विधेयक सदन में लाना चाहिए। कांग्रेस उसका पूरा समर्थन करेगी।















