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शिमला। नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जिला पुलिस शिमला ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित करीब 2.28 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध चल एवं अचल संपत्तियां जब्त की हैं। यह कार्रवाई दो अलग-अलग एनडीपीएस मामलों में विस्तृत वित्तीय जांच (Financial Investigation) के आधार पर की गई।
जिला पुलिस अधीक्षक (SSP) शिमला गौरव सिंह ने बताया कि पुलिस अब केवल नशा तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके द्वारा अपराध से अर्जित अवैध धन और उससे खरीदी गई संपत्तियों को भी कानून के अनुसार जब्त कर रही है। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी के पूरे आर्थिक तंत्र को ध्वस्त करना जिला पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पहला मामला : कोटखाई थाना, 2.05 करोड़ की संपत्ति जब्त
एसएसपी गौरव सिंह ने बताया कि एफआईआर संख्या 50/2024 दिनांक 19 सितंबर 2024 को पुलिस थाना कोटखाई में धारा 21, 27A, 29 एनडीपीएस एक्ट एवं धारा 111 बीएनएस के तहत दर्ज की गई थी।
मामले में इस वर्ष 17 आरोपियों के विरुद्ध विस्तृत वित्तीय जांच की गई। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने नशा तस्करी से अर्जित धन से 16 वाहन, सोलन स्थित चोपड़ा अपार्टमेंट्स में हरिंदर सिंह और प्रदीप कुमार के नाम खरीदे गए दो रिहायशी फ्लैट तथा एक आवासीय भवन खरीदा था।
जांच में पाया गया कि इन संपत्तियों का कुल मूल्य करीब 2.05 करोड़ रुपये है और यह आरोपियों की वैध आय के स्रोतों से मेल नहीं खाता। इसके बाद पुलिस ने सभी चल एवं अचल संपत्तियों को विधि अनुसार जब्त कर लिया।
दूसरा मामला : बालूगंज थाना, 23.23 लाख की संपत्ति जब्त
दूसरे मामले में एफआईआर संख्या 69/2026 दिनांक 21 अप्रैल 2026 को पुलिस थाना बालूगंज (वेस्ट) में दर्ज की गई थी। पुलिस ने तारा देवी रोड, एनएच-05 के पास ऋषभ कुमार के कब्जे से 8 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की थी। जांच के दौरान 25 अप्रैल 2026 को बादल उर्फ टिटला को भी गिरफ्तार किया गया।
वित्तीय जांच में बैंक रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन, राजस्व अभिलेख तथा अन्य दस्तावेजों के विश्लेषण से पता चला कि आरोपी ऋषभ कुमार ने नशा तस्करी से अर्जित धन से मौजा भरोई, जिला शिमला में एक भूमि प्लॉट तथा एक सियाज (Ciaz) कार खरीदी थी।
इन संपत्तियों का कुल मूल्य 23.23 लाख रुपये आंका गया, जो आरोपी की वैध आय से मेल नहीं खाता। पुलिस ने भूमि और वाहन दोनों को विधि अनुसार जब्त कर लिया।
वर्ष 2026 में अब तक 4.11 करोड़ की संपत्ति जब्त
एसएसपी गौरव सिंह ने बताया कि वर्ष 2026 में जिला पुलिस शिमला ने वित्तीय अन्वेषण के आधार पर अब तक 6 मामलों में 24 आरोपियों की लगभग 4.11 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध संपत्तियां जब्त की हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई पूरे हिमाचल प्रदेश में किसी भी जिला पुलिस द्वारा की गई सबसे बड़ी संपत्ति जब्ती कार्रवाई है।
उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2024 और 2025 में जिला शिमला में वित्तीय अन्वेषण के आधार पर अवैध संपत्तियों की जब्ती की कोई कार्रवाई नहीं हुई थी, जबकि वर्ष 2026 में इस दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
एसएसपी गौरव सिंह का संदेश
एसएसपी गौरव सिंह ने कहा कि जिला पुलिस शिमला का स्पष्ट संदेश है कि नशा तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस न केवल ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार करेगी, बल्कि अपराध से अर्जित उनकी अवैध संपत्तियों की पहचान कर उन्हें भी कानून के तहत जब्त करेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य नशा तस्करी के आर्थिक नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करना है, ताकि समाज को नशे के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखा जा सके।














