नन्हे कदमों ने दिया बड़ा संदेश, पर्यावरण संरक्षण के लिए सड़कों पर उतरे बच्चे

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-जीनियस ग्लोबल स्कूल के बच्चों ने निकाली जागरूकता रैली
-नुक्कड़ नाटक और नारों के जरिए लोगों को किया जागरूक
-पेड़ बचाने और प्रकृति का संरक्षण करने की अपील

Dnewsnetwork सोलन
पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर जीनियस ग्लोबल स्कूल के छात्र-छात्राएं बुधवार को शहर की सड़कों पर उतरे। आनंद विहार स्थित स्कूल की ओर से विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित जागरूकता रैली में बच्चों ने पर्यावरण बचाने से जुड़े नारे लगाए और लोगों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझाने का प्रयास किया। रैली के दौरान छात्रों ने हाथों में संदेश लिखी तख्तियां लेकर शहर के बायपास में लोगों को जागरूक किया। बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी और उनके संदेशों ने राहगीरों का ध्यान आकर्षित किया। जल बचाओ पेड़ लगाओ, स्वच्छ वातावरण अपनाओ जैसे संदेशों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का आह्वान किया गया। कार्यक्रम का सबसे आकर्षक हिस्सा विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा। नाटक के जरिए बच्चों ने दिखाया कि किस तरह बढ़ता प्रदूषण, जंगलों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन पर्यावरण के लिए खतरा बनता जा रहा है। बच्चों की प्रस्तुति को लोगों ने खूब सराहा। स्कूल की एमडी नीति शर्मा ने कहा कि प्रकृति हमें जीवन के लिए आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध कराती है, इसलिए उसका संरक्षण करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण हमारी आने वाली पीढ़ियों की सबसे बड़ी धरोहर हैं। यदि हम आज पर्यावरण की रक्षा करेंगे तो आने वाला कल सुरक्षित और बेहतर होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि प्रकृति से सीख लेते हुए वर्तमान में पर्यावरण संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी बनाएं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से स्कूल हर वर्ष इस तरह की गतिविधियां आयोजित करता है ताकि बच्चों में छोटी उम्र से ही प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित हो सके। साथ ही कहा कि हिमाचल की पहचान उसकी प्राकृतिक सुंदरता है, लेकिन बढ़ते प्रदूषण और मानव हस्तक्षेप के कारण पर्यावरणीय चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में समाज के हर वर्ग को पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आना होगा।

अलग-अलग किरदारों के जरिए समझाया पर्यावरण संरक्षण का महत्व…
नाटक में बच्चों ने पेड़, पानी, हवा, पक्षी, मानव और प्रदूषण जैसे विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाई। बच्चों ने कहा कि विकास कार्यों के दौरान जितने पेड़ काटे जाते हैं, उनकी भरपाई के लिए बड़े स्तर पर पौधरोपण होना चाहिए। साथ ही जंगलों में लगने वाली आग को रोकने के लिए भी सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। बच्चों ने लोगों से अपील की कि वे प्रकृति के संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें, क्योंकि सुरक्षित पर्यावरण ही आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य की गारंटी है।

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