DNN नाहन
01 अप्रैल। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. अवीरा वासु की अदालत ने आज 9 साल पुराने मुकदमे में आरोपी फरीदा बेगम पत्नी रसीद निवासी गांव सैनवाला थाना पांवटा साहिब को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत दोषी करार देते हुए 7 साल की सजा व 50 हजार रूपए जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई। जुर्माना न अदा करने पर दोषी महिला को 3 महीने का साधारण कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी एकलव्य ने की।
उप जिला न्यायवादी एकलव्य ने यह जानकारी देते हुए बताया कि मामला 25 जून 2013 का है। इस दिन एसआईयू टीम पांवटा साहिब के विश्वकर्मा चौक पर गश्त पर तैनात थी। इसी बीच टीम को सूचना मिली थी कि फरीदा बेगम अपने लड़के के साथ मोटरसाइकिल पर विकास नगर से पांवटा साहिब की तरफ नशीली दवाएं लेकर आ रही है। टीम के अवगत करवाने के बाद उस समय के डीएसपी कुलदीप कुमार व महिला आरक्षी सुमन भी मौके पहुंचे। इस दौरान स्वतंत्र गवाह मोहम्मद ईनाम को भी जांच में शामिल किया गया। शाम करीब पौने 7 बजे फरीदा बेगम अपने लड़के के मोटरसाइकिल पर आई, जिसे पुलिस टीम ने रोक लिया। फरीदा बेगम के हाथ में एक बैग था और मोटरसाइकिल उसका लड़का चला रहा था। इसके बाद महिला आरक्षी सुमन ने फरीदा बेगम के बैग की तलाशी ली, तो उसके बैग के लिफाफे में नीले रंग के कैप्सूल के पत्ते बरामद हुए, जोकि कुल 27 पत्ते पाए गए। कैप्सूल गिनने पर उनकी संख्या 684 पाई गई, जोकि स्पैक्मो प्रोक्सीवोन कैप्सूल थे। आरोपी महिला संबंधित दवाओं को लेकर कोई भी लाइसेंस परमिट पेश नहीं कर पाई। जांच के दौरान आरोपी महिला फरीदा बेगम ने पुलिस को बताया कि इस बैग व संबंधित दवाओं के बारे में उसके लड़के को कोई जानकारी नहीं थी। साथ ही वह नाबालिग था।
उप जिला न्यायवादी ने बताया कि मामले की जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी फरीदा बेगम के खिलाफ अदालत में चालान पेश गया। इस मुकदमे में 15 गवाह अभियोजन पक्ष की तरफ से अदालत में पेश किए गए। उन्होंने बताया कि इसी मामले में अदालत ने आज महिला को दोषी करार देते हुए उपरोक्त सजा सुनाई।















