DNN सोलन
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य, सैनिक कल्याण तथा बागवानी मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर ने सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सोलन जिले में गर्मी के मौसम में सूखे की स्थिति से निपटने के लिए लघु अवधि की कार्य योजना बनाएं। महेन्द्र सिंह ठाकुर आज यहां सोलन जिले में सूखे के विषय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अर्की विधानसभा क्षेत्र में गंभर खड्ड से 29 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी जलापूर्ति योजना का मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा मई माह में लोकार्पण किया जाएगा। इस योजना से क्षेत्र के 248 गांव लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि रामशहर क्षेत्र की 53 बस्तियों के लिए नई जलापूर्ति योजना अप्रैल माह में ही लोकार्पित की जाएगी।
महेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि सूखे की स्थिति से निपटने के लिए उपलब्ध जल का समुचित उपयोग किया जाए तथा उपलब्धता अनुसार जल वितरण सुनिश्चित बनाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश एवं सोलन जिले में सभी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार की पहली प्राथमिकता है। आने वाले गर्मी के मौसम में यह सुनिश्चित बनाया जाएगा कि उपलब्ध जल वितरण की खामियों को दूर कर तथा विभिन्न योजनाओं का संवर्धन कर पेयजल प्रदान किया जाए।
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर प्रदेश में जल प्रबंधन एवं सूखे से निपटने की दिशा में गंभीर हैं तथा मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिलों में ये बैठकें आयोजित की जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों का आह्वान किया कि इस बैठक में लिए गए निर्णयों पर गंभीरता से अमल करें और सभी को जल उपलब्धता सुनिश्चित बनाएं।
महेन्द्र सिंह ठाकुर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न पेयजल योजनाओं के कार्यान्वयन में गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे हैंडपंप तुरंत प्रभाव से निष्क्रिय किए जाएं जो असुरक्षित जल उपलब्ध करवा रहे हैं। पेयजल की गुणवत्ता स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों को स्वच्छ पेयजल पीने के लिए जागरूक बनाएं। ऐसे हैंडपंपों को बंद करें जिनसे पीला तथा मटमैला पानी आ रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि पाईपों से होने वाली लीकेज को तुरंत प्रभाव से ठीक किया जाए तथा जल भंडारण टैंकों से लीकेज की स्थिति में पानी सीधा पाईप में छोड़ा जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न हैंडपंपों तथा पेयजल योजनाओं के जल का नियमित अंतराल पर परीक्षण करवाते रहें। आवश्यकतानुसार सूखे के समय जल को पंप करने की अवधि बढ़ाएं ताकि अधिक जल उपलब्ध हो सके। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि मानवता के आधार पर कार्य करें।















