DNN डेस्क
17 अक्तूबर, शनिवार। 17 अक्तूबर से नवरात्र प्रारंभ हो रहा है। इसके साथ ही प्रॉपर्टी, व्हीकल और अन्य चीजों की खरीदारी के लिए नवरात्र में हर दिन शुभ मुहूर्त रहेगा। देवी भागवत के अनुसार इस बार शनिवार को घट स्थापना होने से देवी का वाहन घोड़ा रहेगा।
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि इस साल 17 अक्तूबर को पड़ रही है। ऐसे में 17 अक्तूबर के दिन कलश स्थापना होगी। कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 27 मिनट से शुरू होकर 10 बजकर 13 मिनट पर खत्म होगा। वहीं अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 44 मिनट से शुरू होकर 12 बजकर 29 मिनट पर खत्म होगा।
इस प्रकार करें कलश स्थापना
- सबसे पहले एक मिट्टी का पात्र लें। उसमें तीन लेयर में मिट्टी डालें और 9 तरह के अनाज को मिट्टी में डालें। इसके बाद इसमें थोड़ा पानी डालें।
- अब एक कलश लें। इस पर स्वस्तिक बनाएं। फिर मौली या कलावा बांधें। इसके बाद कलश को गंगाजल और शुद्ध जल से भरें।
- इसमें साबुत सुपारी, फूल और दूर्वा डालें। साथ ही इत्र, पंचरत्न और सिक्का भी डालें।
- इसके मुंह के चारों ओर आम के पत्ते लगाएं। कलश के ढक्कन पर चावल डालें।
- देवी का ध्यान करते हुए कलश का ढक्कन लगाएं। अब एक नारियल लेकर उस पर कलावा बांधें। कलश पर स्वास्तिक का चिह्न जरूर बनाएं।
- कुमकुम से नारियल पर तिलक लगाकर नारियल को कलश के ऊपर रख दें।
- कलश के साथ आप कुछ फूल भी रख सकते हैं।
- मां दुर्गा का स्वागत करने के लिए इसे मंदिर में रखें।
-पं. त्रिभुवन नाथ पांडेय
श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, धर्मपुर















