वकआउट के बाद कांग्रेस के विधायकों ने की सरकार की विभिन्न मुद्दों पर घेराबंदी

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DNN शिमला

हिमाचल विधानसभा सत्र के दौरान वॉकआउट के बाद विपक्ष सदन में लौट आया और प्रश्नकाल में भाग लिया। पहला सवाल कांग्रेसी विधायक आशा कुमारी ने उद्योग मंत्री से पूछा कि चंबा जिला में क्लीयरेंस के लिए कितनी माइनिंग लीसेस ईआईए में है और क्या जेसीबी मशीन को माइनिंग के लिए अनुमति दी है। क्या अवैध खनन पर किसी तरह की कार्यवाही की गई है? इसके जवाब में उद्योग मंत्री विक्रम ठाकुर ने बताया कि चंबा में 15 खनन पट्टे पर दी है। जबकि 14 अभी मंजूरी के लिए लंबित पड़े हैं। खनन के लिए पहाड़ियों पर 80 हॉर्स पावर की जेसीबी लग सकती है, जबकि पंजे वाली जेसीबी लग सकती है।

अवैध रूप के जेसीबी के 417 मामले आए हैं। इनमें से कुछ को जुर्माना किया गया है।इसके बाद रीता देवी ने जलशक्ति मंत्री से पूछा कि शाह नहर के रख रखाव के लिए केन्द्र सरकार से दूसरी क़िस्त जारी करवाने के लिए प्रदेश सरकार क्या कदम उठा रही है? इसके जवाब में जलशक्ति मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर ने बताया कि शाह नहर के रख रखाव के लिए केन्द्र सरकार से अभी तक कोई धनराशि प्राप्त नहीं हुई है। योजना 2013 में ख़त्म हो चुकी है। इस नहर का रखरखाव अब राज्य सरकार ही कर रही है। जबकि 89.58 करोड़ का योजना का पैसा केन्द्र के पास लंबित है।

वहीं, धर्मशाला के विधायक विशाल नेहरिया ने धर्मशाला नगर निगम की नियुक्तियों का मामला उठाया। उन्होंने पूछा कि नगर निगम धर्मशाला में किन-किन श्रेणी के कितने पद स्वीकृत हैं, कितने रिक्त हैं और रिक्त पदों को भरने हेतु सरकार क्या पग उठा रही है। क्या सरकार नगर निगम धर्मशाला में वार्डों के पुनसिर्मकांन का विचार रखती है? इस पर शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी ने कहा कि वर्तमान में नगर निगम धर्मशाला में विभिन्न श्रेणियों के कुल 142 पद स्वीकृत है जिनमें से 119 पद स्थाई रूप से भरे हुए हैं। विभिन्न श्रेणी के 23 पद रिक्त हैं जिनमें भरने के प्रयास किये जा रहे हैं।

किन्नौर के कांग्रेसी विधायक जगत नेगी नहीं जलशक्ति मंत्री से पूछा नगमया गांव के लिए उठाऊ योजना को अव्यवहारिक घोषित क्यों किया गया। बिना टेस्ट की गाद का हवाला देकर इस योजना को रोका गया क्यों? इसके जबाब में महेन्द्र सिंह ठाकुर ने बताया कि नगमया गांव के लिए उठाऊ योजना को इसलिए नहीं शुरू किया गया क्योंकि सतलुज में सिल्ट के कारण योजना नहीं बनी। अब दौबारा इसकी जांच करवाकर काम शुरू करने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद होशियार सिंह ने सीएसआर के पैसे के ख़र्च को लेकर पूछे गए सवाल के जबाब में उद्योग मंत्री विक्रम ठाकुर ने कहा कि सीएसआर में राज्य सरकार का कोई दखल नहीं रहता है।

ये केंद्र सरकार का मामला है। रेणुका के विधायक विनय कुमार ने जलशक्ति मंत्री से नोहराधार मंडल में विधायक प्राथमिकता डीपीआर की सूचना मांगी। जिसके जबाब में महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि रेणुका में 10 योजनाओं की डीपीआर स्वीकृत की गई। इसी के साथ प्रश्नकाल समाप्त हो गया।

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