DNN सोलन
चिट्टे से युवा पीढि़ को बचाने के लिए सोलन पुलिस जबरदस्त काम कर रही है। पुलिस न केवल चिट्टे बेचने वालों को सलाखों के पीछे पहुंचा रही है, जबकि ऐसे छात्रों के अभिभावकों को उनके बच्चों को लेकर सूचना पहुंचा रही है, जिन्हें चिट्टे की तल पड़ चुकी है। ऐसे ही करीब 35 छात्रों को सोलन पुलिस ने सदर थाना में तलब किया। छात्रों के अभिभावकों को भी थाने बुलाया गया और उनके लाडलों के नशे में फंसे होने की जानकारी दी गई। ताकि युवाओं को इस लत से बाहर निकाला जा सके।
जानकारी के अनुसार 15 अगस्त को सोलन पुलिस ने चिट्टे को लेकर सोलन में एक बड़ा आप्रेशन चलाया। इसके तहत पुलिस ने चिट्टे का सेवन करने वाले करीब 35 छात्रों को थाने लाई। इन छात्रों को लेकर पुलिस ने पहले पूरी सूचना एकत्रित की। इसके बाद छानबीन के उपरांत पुलिस ने पाया कि यह छात्र आए तो सोलन में पढऩे है, लेकिन वह चिट्टे के लत में फंस गए है। इसी आधार पर पुलिस ने छात्रों के अभिभावकों से भी संपर्क साधा और उन्हें भी थाने बुलाया। इस बाद पुलिस ने अभिभावकों को जारी जानकारी दी कि उनके बच्चे चिट्टे की लत में फंस गए है और उन्हें बचाने के लिए वे इन्हें किसी डीएडिक्शन सेंटर लेकर जाए। पुलिस ने बच्चों के भविष्य को देखते हुए उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया। सोलन जिला पुलिस के मीडिया प्रभारी एवं एएसपी शिव कुमार शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि युवाओं को चिट्टे की लत से बचाने के लिए पुलिस ने यह कार्य किया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में पुलिस द्वारा चिट्टे के साथ पकड़े गए युवकों से सूचना प्राप्त करने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की।















