DNN बद्दी
18 सितंबर। हिमुडा प्राधिकरण के खिलाफ मांगों को लेकर आंदोलन कर रही रेजीडेंट वेल्फेयर सोसाईटी का आंदोलन चौथे दिन में प्रवेश कर गया। लेकिन अभी तक हिमुडा के अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी है। चौथे दिन क्रमिक अनशन पर बैठे धनसागर व राजेश कुमार ने हिमुडा प्राधिकरण के नकारात्मक रूख के विरूद्ध जमकर गुब्बार निकाला। रेजिडेंट वेल्फेयर सोसाईटी मंधाला के प्रधान जोगिंद्र पाल, उपाध्यक्ष हरी चंद, सचिव नितिश कुमार, कोषाध्यक्ष हुकम चंद, सह सचिव कृष्ण लाल व कार्यकारिणी सदस्य हरभजन सिंह, प्रेम सिंह, सुरेंद्र कुमार व लालधर यादव ने कहा कि प्राधिकरण ने क्षेत्र के किसानों की मां स्वरूप भूमि का अधिग्रहण उन्हें बरगलाया किया। किसानों व लोगों को चंडीगढ़ पंचकूला की तर्ज पर आवासीय कॉलोनी विकास करने और किसानों को आवासीय भूखंड देने के सब्जबाग दिखाए गए। लेकिन आज स्थिति यह हो गई है कि प्लॉट धारक औने पौने दामों पर अपने प्लॉट बेचकर हिमुडा प्राधिकरण की इस कॉलोनी से छुटकारा पाना चाहते हैं।
सोसार्ईटी के पदाधिकारियों ने बताया कि सूचना के अधिकार से प्राप्त जानकारी के अनुसार जनवरी 2021 तक हिमुडा ने 25 विकास कार्यों में से केवल मात्र 3 को ही पूर्ण किया। हिमाचल प्रदेश रेरा में भी लगभग दो महीने पहले अरूण कुमार गुप्ता और हिमुडा केस में प्राधिकरण को आदेश जारी किए हैं कि हिमुडा कॉलोनी मंधाला अभी पूर्णयता विकसित नहीं है और इसे हिमाचल प्रदेश रेरा के साथ पंजीकृत किया जाए। हिमुडा प्राधिकरण द्वारा निर्मित इस आवासीय कॉलोनी से न तो किसानों को कोई लाभ हुआ और न ही प्लॉट धारकों का कोई हित हुआ। सोसाईटी के प्रधान जोगिंद्र पाल ने कहा कि कॉलोनी में रहकर तिल तिल मरने से अच्छा है कि प्राधिकरण के विरूद्ध आमरण अनशन करके मृत्यू प्राप्त हो। रेजिडेंट वेल्फेयर सोसाईटी मंधाला ने प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व अर्वन डिवेल्पमेंट एंड टीसीपी मंत्री सुरेश भारद्वाज से कॉलोनी की समस्याओं के समाधान के लिए हस्तक्षेप कर कॉलोनीवासियों को न्याय दिलवाने की मांग उठाई है।















