DNN बद्दी
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने वीरवार को दून विस के एक दिवसीय प्रवास के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने यहा पर एक छोटे से जर्जर भवन में चल रहे बद्दी के लाइफ लाइन माने जाने वाले अस्पताल की दुर्दशा पर चिंता जताई। इस अस्पताल पर 50 हजार से ज्यादा आबादी निर्भर करती है। उनके साथ दून के विधायक परमजीत सिंह पम्मी भी मौजूद थे।
स्वास्थ्य मंत्री ने इस बात पर भी हैरानी जताई कि दो-दो बार इसको 50 बैड का अस्पताल बनाने का शिलान्यास हो चुका है लेकिन फिर भी एक ईट क्यों नहीं लगी। छोटे से तंगहाल कमरों में बैठकर यहा तैनात चिकित्सक जैसे-तैसे बीमार लोगों का इलाज करते है यानी यह अस्पताल स्वयं अपने आप ही बीमार है।
इस पर अस्पताल के प्रभारी चिकित्सक डॉ अनिल अरोड़ा ने मंत्री को बताया कि 2011 में तत्कालीन मंत्री राजीव बिंदल ने पीएचसी के भवन का शिलान्यास किया था। इसके बाद 2016 में कौल सिंह ने अपग्रेड करके इसे 30 बैड का अस्पताल बनाने की घोषणा कर नींव पत्थर रखा था लेकिन नजीता जीरो ही रहा। वर्तमान सरकार ने इसको अपग्रेड सिविल अस्पताल का दर्जा दे दिया था जहा 50 बैड बनने प्रस्तावित हैं। इस पर परमार ने तुरत निदेशक स्वास्थ्य विभाग से फोन पर बात करके बद्दी अस्पताल के निर्माणकार्य शुरू करने के कारण जाने। उन्होंने निदेशक को निर्देश दिए कि जल्द बद्दी अस्पताल के भवन का निर्माण कार्य शुरू किया जाए ताकि लोगों को सहुलियतें मिल सकें। वहीं स्थानीय विधायक परमजीत सिंह पम्मी ने भी मंत्री से कई समस्याएं उठाई और आग्रह किया कि जल्द ही बद्दी अस्पताल भवन का निर्माण हो ताकि यहा के हजारों लोगों को इलाज के लिए इधर उधर न भटकना पडे।



















