सोलन में लगने वाले प्रॉपर्टी टैक्स से कहीं राहत कहीं परेशानी

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DNN सोलन 17 अप्रैल।

सोलन शहर (solan City) में लगने वाले प्रॉपर्टी टैक्स (property tax) की दरें तय हो गई है। इस टैक्स में उन लोगों को लाभ होगा जो भवनों को घरेलू कार्य के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि व्यवसायिक परिसरों के मालिकों को अब भारी टैक्स चुकाना होगा। शहर में लगने वाले प्रस्तावित प्रॉपर्टी टैक्स की दरें नगर निगम ने तय की है और इसे आम जनता के लिए जारी किया गया है। ताकि वह अपनी आपत्तियां व सुझाव तय समय में दर्ज करवा सकें।लोगों को 25 तारीख तक का समय अपनी आपत्तियां व सुझाव दर्ज करवाने के लिए दिया गया है और इसके बाद इसे लागू कर दिया जाएगा।

नगर निगम द्वारा जारी किए गए प्रस्ताव के मुताबिक सोलन शहर के उन लोगों को इसका भारी लाभ मिलेगा। जिन्होंने अपने भवनों को किराए पर नहीं दिया है। जबकि होटल, बार, रेस्टोरेंट, बैंक, शोरूम, मैरिज हॉल, मोबाइल, टावर, दुकाने, शैक्षणिक संस्थान, हॉस्टल चलाने वाले लोगों को भारी भरकम टैक्स अब आगामी समय में देना पड़ेगा।

जानकारी के अनुसार सोलन नगर निगम ने 23 फरवरी को आयोजित एक बैठक में सोलन नगर निगम बनने के बाद शहर में नए प्रॉपर्टी टैक्स लगाने के लिए रणनीति बनाई थी और एक प्रारूप तैयार करके जनता को जारी किया था। इसमें जनता से आपत्तियां व सुझाव देने के लिए कहा गया था। करीब 1 महीने का समय इस कार्य के लिए नगर निगम के अधिकारियों ने दिया था लेकिन जनहित को देखते हुए आपत्तियां और सुझाव दर्ज करने की तिथि को बढ़ाकर 2 महीने किया गया।

इसी बीच शनिवार को नगर निगम केकमिश्नर राजीव कुमार ने प्रस्तावित टैक्स को लेकर तय की गईराशि की सूची जारी की है। इसकेमुताबिक 100 स्क्वेयर मीटर क्षेत्र में घरेलू परिसर में 608 टैक्स लगाया जाएगा। जबकि पहलेयह टैक्स 4230 हुआ करता था। इसी प्रकार किराए पर दिए गए घरेलू परिसर पर 1265 टैक्स दिया जाएगा। जबकि पहलेयह टैक्स 4230 लिया जाता था। इसी प्रकार से होटल, शोरूम रेस्तरां उद्योग या कारखाना जिसका क्षेत्रफल 2000 स्क्वायर मीटर से अधिक हैको अब 20250 टैक्स देना होगा। जबकि पहले4230 रुपए लोगों को बतौर टैक्स देने होते थे। इसी प्रकार जोकि 1000 से 2000 को मीटर क्षेत्र में बना है उसे 16875 उपाय टैक्स देना होगा। इसके अलावा अन्य होटल, बार रसरा, बैंक एटीएम, शोरूम, सेंट्रल हॉल, मैरिज हॉल, ट्रैवल एजेंसी, मोबाइल टावर, कोचिंग सेंटर वाले भवनों के मालिकों को 13500 टैक्स देना होगा। इसके अलावा जिन भवनों में दुकान में स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक संस्थान, हॉस्पिटल, थिएटर, क्लब, पेइंग गेस्ट हाउस, गेस्ट हाउस चल रहे हैं उन्हें 11813 बतौर टैक्स देने होंगे। जिन भवनों में गोदाम, ढाबा, स्टॉल या अन्य प्रकार की गतिविधियां चल रही है उन्हें5063 टैक्स देना होगा। इसके अलावा खाली प्लॉट पर 45 रुपए टैक्स लगाने की तैयारी चल रही हैऔर इस संबंध में प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। निगम के कमीशनर राजीव कुमार ने बताया कि लोग 25 अप्रैल तक इस संबंध में अपनी आपत्तियां व सुझाव नगर निगम में दर्ज करवा सकते हैं। इसके बाद इसे लागू कर दिया जाएगा।

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