DNN कंडाघाट
हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति में भगवान शिव अनंत अनादि हैं तथा उनसे ही संपूर्ण सृष्टि का आरंभ माना जाता है। डॉ. बिंदल सोलन जिले के कंडाघाट उपमंडल की ग्राम पंचायत हिन्नर के सवागांव में संपूर्ण शिव मंदिर प्रतिष्ठा समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने इस अवसर पर मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और सभी की दीर्घायु, स्वास्थ्य तथा सुखसमृद्धि की कामना की।
डॉ. बिंदल ने कहा कि भगवान शिव के कल्याणकारी स्वरूप का तात्त्विक विवेचन, रहस्य, महिमा और उपासना की संपूर्ण जानकारी शिव पुराण में संकलित की गई है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में ईश्वर के जिन रूपों को मानवीय परिकल्पना में उतारा गया है वे सभी अपने स्वरूप के माध्यम से सृष्टि के कल्याण को इंगित करते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की जटाओं से पतित पावना एवं कल्याणकारी गंगा का उदगम है वहीं नीलकंठ के रूप में वे समस्त सृष्टि में व्याप्त विष को स्वयं पीकर दूर करते हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत हमारी धरोहर है इसे संजोए रखना प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि हमारे वेद, उपनिषद और पुराण समस्त मानव जाति को जीवन जीने की कला सीखाने के साथ-साथ आध्यात्मिक मार्ग का अनुसरण कर मोक्ष प्राप्ति की ओर अग्रसर करते हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि भारतीय जीवन पद्धति एवं विचारधारा को जीवन का अभिन्न अंग बनाएं।
डॉ. बिंदल ने कहा कि शिव पुराण शिव-महिमा, लीला-कथाओं के अतिरिक्त पूजा-पद्धति, अनेक ज्ञानप्रद आ यानों और कथाओं का सुन्दर संयोजन है। इसमें भगवान शिव के भव्यतम व्यक्तित्व का गुणगान किया गया है। शिव-जो स्वयंभू हैं, शाश्वत हैं, सर्वोच्च सत्ता है, विश्व चेतना हैं तथा ब्रह्माण्डीय अस्तित्व के आधार हैं का नाम स्मरण वैज्ञानिक एवं तात्विक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।


















