दादा-दादी के COUPLE DANCE से सब हैरान, जीनियस ने किया दादा-दादी को नमन 

Entertainment Himachal News Solan
DNN सोलन
जीनीयस ग्लोबल स्कूल में ग्रैंडपेरेंट्स डे बड़ी धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में दादा दादी के लिए विशेष रूप से कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। साथ ही स्कूली बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुक्त कर दिया। कार्यक्रम में चैयरमेन बघाट बैंक पवन गुप्ता ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। जबकि राज बाला विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रही। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल की कक्षा प्री-केजी की छात्रा आरव ने सरस्वती वंदना पर नृत्य से की। इसके पश्चात दूसरी कक्षा के माधव ने शिव कैलाशों के वासी भजन गाकर उपस्थित लोगों को मन्त्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद स्कूल के नौनिहालों ने सुन्दर प्रस्तुतियां से उपस्थित हर दादा-दादी का मन मोह लिया। प्री नर्सरी और नर्सरी क्लास के नौनिहालों ने जब स्टेज संभाला और दादा जी की छड़ी हूँ मैं, छोटा बच्चा जान के, बदन पे सितारे लपेटे हुए और नानी तेरी मोरनी को मोर जैसे गीतों पर डांस प्रस्तुत किए तो सभी नाचने पर मजबूर हो गए। कार्यक्रम में बच्चों और उनके प्रिय दादा-दादी के लिए कई प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। ग्रैंड जीनियस टीम में दादी-नानी की टीम में बिमला देवी, दर्शना, इंद्रा बंसल रीटा बाला ने बाज़ी मारी। वही नाच मेरी जान नाच में एसके राखी एवं स्नेहलता ने प्रथम और मदनलाल शर्मा और आशा शर्मा ने द्वितीय स्थान हासिल किया। सोलो डांस में मंजू रघुवंशी, कपल डांस में दुर्गा दत्त कश्यप और कान्ता कश्यप ने अपनी नृत्य कला से सबको हैरान कर दिया। गायन प्रतियोगिता में सुदर्शना अव्वल रही। जबकि चन्द्र प्रकाश कौशिक, निहालचंद, गीताराम और एनके गुप्ता के गीतों को भी खूब सराहा गया।
दादी की अनकही कहानी रही मुख्य आकर्षण कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कक्षा पहली और तीसरी के बच्चों का नाटक दादी की अनकही कहानी रही। जिसमें समाज में फैलते वृद्धाश्रमों और दादा-दादी के प्यार से महरूम होते बचपन को बखूबी दर्शाया। उपस्थित लोगों ने नम आँखों से बच्चों के प्रयास को खूब सराहा। स्कूल डायरेक्टर नीति शर्मा ने बताया की ग्रैंडपैरेंट्स-डे का मुख्य उद्देश्य बच्चों को अपने परिवार की नींव के साथ जोड़े रखना है। इस दिन स्कूल सभी ग्रैंड पैरेंट्स को सम्मानित करने के अलावा उन्हें अपने सबसे प्रिय पोते-पोतियों के साथ पूरा दिन बिताने व अपना बचपन फिर जीने का मौका मिलता है। साथ ही बच्चों को भी अपने दादा-दादी से बहुत सी अच्छी बातें सीखने को मिलती हैं।

News Archives

Latest News