DNN बिलासपुर
आज की युवा पीढ़ी मोबाइल फोन की इतनी आदि हो चुकी है कि वह मोबाइल को देखने के लिए किसी भी हद को पार करने को तैयार है। अकसर मां-बाप घरों में अपने बच्चों को मोबाइल का ज्यादा प्रयोग करने से रोकते हैं ताकि उनकी आंखों पर उसका असर न पड़े। लेकिन कई बच्चे मोबाइल के इतने आदि हो चुके हैं कि उन्हें रोक पाना अभिभावकों के लिए असंभव सा होता जा रहा है। ऐसा ही एक मामला हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिला में सामने आया है। जहां पर अभिभावकों द्वारा एक बच्ची को मोबाइल का इस्तेमाल करने से रोकना अभिभावकों को महंगा पड़ा और बच्ची ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया जिसके बाद उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक बिलासपुर जिला की रहने वाली एक 13 साल की बच्ची ने उस समय ज़हर खा लिया जब उसके माता पिता ने उसे मोबाइल चलाने से रोका। गाँव की इस छात्रा को प्राथमिक उपचार के लिए परिजन जाहू ले गए परन्तु उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे भोरंज अस्पताल रेफर किया गया। जहाँ उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई । बच्ची के पिता दिहाड़ी मजदूरी करते हैं, उन्होंने पुलिस को बताया की वे काम के लिए गए थे और जब वह दोपहर में खाना खाने के लिए घर आए तो उन्होंने पाया की उनकी बेटी को उल्टियाँ आ रही थी। उनके पूछने पर बेटी ने बताया की उसने जेहरिला पदार्थ खा लिया है। पिता ने बताया की वे बेटी को ज्यादा मोबाइल चलाने से मना करते थे और साथ ही आस पड़ोस में भी जाने से मना करते थे। इसी बात को लेकर उनकी बेटी जिद्द करती थी। DSP अनिल कुमार ने यह बताया की पिता के बयान लेकर मामला दर्ज कर लिया गया है और मामले की आगे जांच की जाएगी।















