DNN सोलन ब्यूरो
26 नवंबर। केंद्र सरकार द्वारा श्रम कानूनों को बदलने को लेकर एक्ट व सीटू सड़कों पर उतरकर आंदोलन शुरू कर दिया है। गुरुवार को राष्टव्यापी आंदोलन का असर सोलन में भी दिखाई दिया है। सोलन में एटक, सीटू व अन्य ट्रेड यूनियनों के सदस्यों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की है और रोष रैली निकली। यह रोष रैली ओल्ड बस स्टैंड से मिनी सचिवालय तक निकाली गई और उपायुक्त सोलन के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भी सौंपा गया है। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि जल्द मजदूर विरोधी कानूनों को वापिस के। इस माध्यम से सरकार को चेताया है अगर मजदूर विरोधी कानूनों को वापिस नहीं लिया गया तो यह आंदोलन और तेज होगा।इस दौरान एटक के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश भारद्वाज का कहना है कि बैंक, पब्लिक सैक्टर व निजी सैक्टर के लोग इस श्रम कानून के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि सौ वर्षों में 44 श्रम कानून बनाएं गए थे। इन कानूनों को बनाने के लिए काफी जद्दोजहद की गई थ, लेकिन भाजपा सरकार द्वारा इन कानूनों को बदल दिया है। इन कानूनों के बदलें चार श्रम सहिता बनाई गई है। यह श्रम सहिता पूंजी पतियों के हक में है। इससे मजदूर काफी नाराज है। साथ ही उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा किसानों के लिए काला कानून बनाया गया है। इसके कारण किसानों को क्षति हो जाएगी और इसमें भी कारपोरेट का कब्जा हो जाएगा। यह रोष रैली मोटर व्हीकल एक्ट, बिजली व रेलवे का सरकार द्वारा निजीकरण किया जा रहा है।
इसी के साथ सीटू के जिला अध्यक्ष मोहित वर्मा का कहना है कि सीटू भी इस श्रम कानून के खिलाफ है। इसी को लेकर गुरुवार को रोष रैली निकली गया है। साथ ही उपायुक्त सोलन के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भी सौंपा गया है।
ज्ञापन के माध्यम से विभिन्न मांगें भी की गई है।















