DNN शिमला (सुनील)
पूर्व सांसद राजन सुशांत ने हिमाचल प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और हिमाचल में क्षेत्रीय दल के गठन की ताल भी ठोक दी है। पूर्व सांसद राजन सुशांत ने कर्मचारियों के लिए 2003 के बाद शुरू की गई नई पेंशन स्कीम को बंद करके पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली की मांग की है। सुशांत ने कहा है कि जब मजदूरों, कर्मचारियों, दुकानदारों, बागवानों, किसानों और विस्थापितों के हितों की बात आती है तो सरकार आर्थिक हालात का रोना रोती है और विधायकों-सांसदों की सैलरी 2 लाख से भी अधिक है और हर साल सैलरी बढ़ाने को लेकर 2 मिनट में विधानसभा में दोनों दल प्रस्ताव पास कर देते हैं लेकिन आम जनता की बारी में खजाना खाली हो जाता है।
राजन सुशांत ने एनपीएस के तहत खुद भी पेंशन लेने की घोषणा की है हालांकि राजन सुशांत 1982 के विधायक हैं उन पर एनपीएस लागू नहीं होता है लेकिन नैतिकता के आधार पर जब तक 2003 के बाद कर्मचारियों को एनपीएस की जगह पुरानी पेंशन नही मिल जाती तब तक एनपीएस के तहत ही पेंशन लेंगे।
मुख्यमंत्री को आगाह करते हुए राजन सुशांत ने कहा कि कोरोना काल में मुख्यमंत्री और मंत्री फिजूल खर्ची बंद करें अन्यथा जनता को लामबंद करके सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ा जाएगा। अगर कर्मचारियों की मांगों को पूरा नही कर सकते हैं तो राजभवन में जाकर मुख्यमंत्री त्याग पत्र दें। राजन सुशांत ने कहा कि वे नवरात्र के समय में हिमाचल प्रदेश में क्षेत्रीय दल बनाएंगे और इसमें अगर कोई शामिल होना चाहे तो उसका स्वागत है लेकिन व्यक्ति का ईमानदार होना जरूरी है तभी दल में शामिल किया जाएगा।















