DNN पालमपुर
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि महिलाओं का सामजिक, आर्थिक उत्थान तथा उन्हें विकास के समान अवसर प्रदान करना सरकार की उच्च प्राथमिकता है। प्रदेश के विकास में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित बनाने के लिए महिला कल्याण व उत्थान योजनाओं को सुद्ढ़ करने के साथ-साथ अनेक नई योजनाएं चलाई गई हैं। 

उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से सरकार द्वारा चलाई जा रही सभी योजनाओं की जानकारी गांव में महिलाओं तक पहुंचाने का आग्रह किया। उन्होंने महिलाओं से भी कहा कि उन्हें सभी कार्यों में आगे आना पड़ेगा तभी विकास संभव है। उन्होंने कहा कि बेटियां हर क्षेत्र में अपना नाम रोशन कर रही हैं तथा वो बेटियां ही हैं जो दो परिवारों को जोड़ती हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कुछ क्षेत्रों में घटते लिंगानुपात पर चिंता व्यक्त करते हुए ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के अंतर्गत जिला में लैंगिक असंतुलन को दूर करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता से कार्य करने के साथ-साथ लड़कियों की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान, स्वाभिमान और अधिकारों को लेकर भी जागरूकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बेटा और बेटी के बीच भेदभाव की मानसिकता में सकारात्मक बदलाव लाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने इसके लिए उन्होंने सक्रिय भागीदारी एवं सहयोग का आग्रह किया।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ऐसी सभी विधवाएं जोकि सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही हों प्रदेश सरकार की हिमकेअर स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत बिना कोई प्रीमियम दिये, पांच लाख रुपये तक का स्वस्थ बीमा लाभ पाने की पात्र होंगी। प्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष परित्यक्ता महिलाओं, विधवाओं को दो बच्चों के पालन-पोषण हेतु प्रति बच्चा, प्रति वर्ष सहायता राशि को 5 हजार से बढ़ाकर छः हजार रुपये किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘शक्ति बटन ऐप’ तथा महिलाओं के प्रति हिंसक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ‘ गुड़िया हेल्पलाइन’ 1515 आरंभ की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री आर्शीवाद योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत चिकित्सा संस्थान में प्रसव कराने पर दी जाने वाली 700 रुपये की राशि के अतिरिक्त अस्पताल में जन्में सभी नवजात शिशुओं को 1500 रुपये मूल्य की ‘‘नव आगंतुक किट’’ भी दी जाएगी। उन्होंन सभी महिलाओं से हिमकेयर योजना का कार्ड बनाने का आह्वान किया।















