DNN अर्की
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायामूर्ति धर्म चन्द चौधरी ने युवाओं का आह्वान किया है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पूर्ण सजगता के साथ कार्य करें क्योंकि पर्यावरण की सुरक्षा पृथ्वी पर मानव जीवन के अस्तित्व के लिए आवश्यक है। न्यायामूर्ति धर्म चन्द चौधरी आज सोलन जिला के अर्की उपमण्डल की ग्राम पंचायत कुंहर के घड़ियाच में पौधरोपण कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण सोलन के तत्वावधान में किया गया।
न्यायामूर्ति धर्म चन्द चौधरी ने देवदार का पौधा लगाकर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर घड़ियाच मे देवदार तथा बाण के करीब 1100 पौधे रोपे गए। इस पौधरोपण कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों के विभिन्न विद्यालयों के करीब 500 विद्यार्थियों ने भी भाग लिया।
न्यायामूर्ति धर्म चन्द चौधरी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता न केवल मानव जीवन के लिए बल्कि सृष्टि की प्रत्येक उत्पत्ति के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार का ही नहीं बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के साथ-साथ हम सभी का उत्तरदायित्व है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि रोपे गए पौधों की देखभाल भी सुनिश्चित करें ताकि पौधे वृक्ष बन सकें।
न्यायमूर्ति धर्म चन्द चौधरी ने कहा कि प्राचीन समय में वनों एवं वन्य जीवों तथा वनस्पति का संरक्षण सभी का सामूहिक उतरदायित्त्व होता था एवं वनों को जीवनदायी माना जाता था। भारतीय संस्कृति में वृक्षों की पूजा का मुख्य कारण भी पर्यावरण संरक्षण ही है। जल, जंगल एवं जमीन का संरक्षण भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। उन्होेंने कहा कि वरिष्ठजनों के वनों की सुरक्षा के अनुभव वर्तमान में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकते हैं।















