DNN सोलन
सोलन जिला में कोरोना पॉजिटिव एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार के दौरान बड़ा खुलासा हुआ और मौके पर जबरदस्त हंगामा भी हुआ। दरअसल परिवार के सदस्य जिस व्यक्ति का अंतिम संस्कार अपना दादा समझ कर कर रहे थे वह व्यक्ति कोई और निकला। हंगामे के बाद जब जांच हुई तो पता चला कि उनके दादा तो जीवित हैं और उनका इलाज चल रहा है। इसके बाद घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम सोलन अजय यादव प्रशासन की टीम सहित मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर उसे वापस भिजवाया। यह चूक कैसे हुई इसको लेकर कई सवाल खड़े होना शुरू हो गए है। इस मामले में एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापहवाही सामने आई है।

जानकारी के अनुसार एक व्यक्ति की दादी का निधन 2 दिन पहले हुआ और इस परिवार के सदस्य उनकी अस्थियां प्रवाहीत करने के लिए हरिद्वार गए हुए थे। रास्ते में उन्हें सूचना मिली कि कोरोना पॉजिटिव उनके दादाजी का निधन हो गया है। इस सूचना पर युवक ने अपने भाई से बातचीत की और उससे शव को अस्पताल से सीधा चंबाघाट शमशानघाट लाने के लिए कहा। हरिद्वार से वह भी वहां पहुंच गए । पीपीई किट पहनकर जब परिवार के सदस्य हैं दाह संस्कार करने लगे तो निजी अस्पताल द्वारा दिए गए सामान को देखकर उन्हें कुछ शक हुआ। क्योंकि अस्पताल ने जो समान उनके दादाजी का बता कर दिया हुआ था उसमें एक अंगूठी ऐसी थी जो उनके दादा की नहीं थी। इस पर परिवार के सदस्यों ने शव को देखने का निर्णय लिया और जैसे ही उन्होंने शव का चेहरा देखा तो वे हैरान रह गए। यह शव उनके दादा का नहीं बल्कि किसी अन्य व्यक्ति का निकला। जिसके बाद मौके पर जबरदस्त हंगामा हुआ। मामले की सूचना प्रशासन को दी गई। जिसके बाद एसडीएम अजय यादव मौके पर पहुंचे और पूरे मामले को लेकर जानकारी हासिल की। इसके बाद मृतक के शव को वापस भिजवाया गया । वहीं मौके पर पहुंचे एसडीएम यादव ने कहां की यह गलती कैसे हुई है इसको लेकर जांच की जा रही है।

पूरी घटना क्रम में अहम बात यह निकली कि जिस व्यक्ति को मृतक बता कर उसका शव उसके परिवारजनों को सौंपा गया वह ठीक है और उनका इलाज चल रहा है। दूसरी ओर सीएमओ सोलन डा. राजन उप्पल ने कहा कि शुरूआती जांच म ें यह पता चला है कि दोनों के नाम मिलते जुलते होने के कारण यह चूक हुई है।















