DNN शिमला ब्यूरो
14 अक्तूबर। हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें बुधवार से बाहरी राज्यों की सड़कों पर भी दिखाई देगी। इसके लिए सरकार ने मंजूरी दे दी है। प्रथम चरण में सरकार ने हिमाचल पथ परिवहन निगम की 25 बसों को बाहरी राज्यों में भेजने का फैंसला लिया है। बाकायदा इसके लिए एसओपी जारी की गई है।कोविड-19 नियमों को ध्यान में रखते हुए निगम बुधवार सुबह से बाहरी राज्यों में बसें भेजने लगा है।
सरकार द्वारा अधिकारियों के साथ बैठक कर बसों को बाहरी राज्यों में भेजने का फैंसला लिया गया है। साथ ही आगामी दिनों में त्यौहारों को मध्यनजर भी रखा गया है। हर एक पहलू पर चर्चा कर बाहरी राज्यों में बसें दौड़ाने के लिए कदम उठाया गया है।
बता दें कि कोरोना वायरस को लेकर हुए लॉकडाउन के बाद से बस सेवाएं बन्द हो गई थी, लेकिन अब कोरोना संकट काल में करीब 7 माह बाद हिमाचल सरकार ने इंटरस्टेट बस सेवा शुरू कर दी है। पहले चरण में शुरू की गई बस सेवाओं में चंडीगढ़, पठानकोट, बद्दी, होशियारपुर, लुधियाना, अम्बाला, हरिद्वार सहित अन्य प्रमुख रूटों पर यह बसें चलेंगी। इंटरस्टेट रूटों पर सिर्फ नॉन-एसी बसें ही चलाई जाएंगी। इंटरस्टेट बस रूटों में रात्रि बस सेवाएं भी सम्मिलित की गई हैं।
नवरात्रों और त्यौहारों के चलते सरकार ने लिया निर्णय
परिवहन मंत्री विक्रम ठाकुर ने बताया कि नवरात्रों और त्यौहारों के मद्देनजर लोगों को सुविधा प्रदान करने के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने यह निर्णय लिया है। पिछले कुछ समय से आम लोग भी अंतर्राज्यीय बस सेवाएं आरंभ करने की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही अन्य राज्यों के लिए भी इंटर स्टेट बस सेवाओं का परिचालन आरम्भ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इंटर स्टेट रूटों पर बसों के परिचालन के लिए कोरोना वायरस से बचाव के लिए सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
मास्क लगाना जरूरी, साथ रखना होगा हैंड सैनिटाइजर
इंटरस्टेट बस सेवा शुरू करने के साथ सरकार ने बस यात्रा करने को लेकर एसओपी जारी की है। इंटर स्टेट बस सेवाओं में सरकार की जारी एसओपी के तहत सफर करना होगा। एसओपी के तहत बसों में मास्क लगाना अनिवार्य होगा। बिना मास्क बस में सफर नहीं कर सकेंगे। बसों में खड़ी सवारियां ले जाने पर मनाही होगी। सवारियों को अपने पास हैंड सैनिटाइजर रखना अनिवार्य होगा। बसों की दोनों समय सैनिटाइजेशन करना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त इंटरस्टेट बस सर्विस में सवारियों के लिए पीछे वाले दरवाजे से चढ़ाना और अगले दरवाजे से सवारियों को उतारना अनिवार्य किया है।
आरोग्य सेतु एप डाऊनलोड होना अनिवार्य, ढाबा मालिकों को जरूरी निर्देश
एसओपी के तहत बाहरी राज्य में यात्रा के लिए आरोग्य सेतु एप को डाऊनलोड करना भी अनिवार्य किया है। यदि आरोग्य सेतु एप में यात्री का स्टेटस रैड दर्शाता है तो ऐसे में परिचालक यात्री की यात्रा को रद्द कर सकता है। वहीं इंटरस्टेट बस सर्विस शुरू होने पर रूट पर खाना खाने वाले ढाबा मालिकों को सुरक्षित व साफ-सुथरी व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदेश के सभी आएम को जरूरी निर्देश जारी किए हैं। वहीं ढाबा मालिकों को सैनिटाइजर सुनिश्चित करवाने और शौचालय को पूरी तरह से साफ रखने के निर्देश दिए हैं।
अभी दिल्ली को नहीं कोई बस
एचआरटीसी ने मौजूदा समय में प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों तक चलने वाले बस रूटों को बाहरी राज्यों को चलने की अनुमति दी है। फिलहाल दिल्ली के लिए कोई बस नहीं जाएगी। पहले इन रूटों को हिमाचल के बॉर्डर तक ही चलने के निर्देश थे। 25 रूटों में 25 यूनिटों से बसें चल रही हैं। वहीं चंडीगढ़, पठानकोट, बद्दी, होशियारपुर, लुधियाना, अम्बाला, हरिद्वार के रूटों पर बसें चलेंगी।
इन 25 रूटों पर चलेंगी बसें, पहले की तरह रहेगा समय
एचआरटीसी पहले दिन चलाए जाने वाले इंटर स्टेट बसों के रूट जारी किए हैं। सराहन-चंडीगढ़, जोगिंद्रनगर-चंडीगढ़, रिवालसर-चंडीगढ़, गुसाली- चंडीगढ़, जोगिंद्रनगर-चंडीगढ़, समर कोट-चंडीगढ़ और वापिसी, बैजनाथ-पठानकोट, रिब्बा-चंडीगढ़, कालका-ऊना, धर्मशाला-शिमला वाया कांगड़ा-चंडीगढ़ तक चलेगी। वहीं फिलहाल जोगिंद्रनगर-दिल्ली-वाया कांगड़ा-देहरा अब चंडीगढ़ तक चलेगी। इसी तरह कटवाली-लुधियाना-वाया-कांगड़ा-होशियारपुर, नोहली-पठानकोट, बैजनाथ-पठानकोट, शाहतलाई-बिलासपुर-कालका, कुल्लू-मटौर-जम्मू, पालमपुर पठानकोट, भडेहरकली-चंडीगढ़, बैजनाथ-जम्मू वायां कांगड़ा पठानकोट, अमृतसर-मनाली वाया पठानकोट-जसूर- गगल-कांगड़ा-बैजनाथ, चम्बा-शिमला बस अब बद्दी तक चलेगी। यह रूट पर पहले दिन के लिए निर्धारित किए हैं। यह रूट यात्रियों की संख्या के बाद बढ़ाए व घटाए जा सकते हैं। यह बसें उन्हीं समय पर चलेगी, जिस समय पर यह चलती थी।















