14 मार्च। हिमाचल प्रदेश से पहला सैम्पल जेनेटिक स्टेनिंग ऑफ कोविड (जीनोम) के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने दिल्ली भेजा है। इस माध्यम से कोरोना वायरस स्ट्रेन का पता चल पाएगा। यह सैम्पल महिला चिकित्सक के कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगने के बाद पॉजिटिव आने पर भेजा गया है। हालांकि, सैम्पल रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के पास आगामी कुछ दिनों में पहुंचेगी, लेकिन इस जांच से यह साफ़ होगा कि महिला चिकित्सक में कोविड का कौन-सा स्ट्रेन है। जिला स्वास्थ्य विभाग इस रिपोर्ट को उच्चाधिकारियों को भी भेजेगा। यह सैंपल जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिल्ली शनिवार को भेजा गया है।
बता दें कि जिला सोलन में कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगने के बाद महिला चिकित्सक कोरोना पॉजिटिव आई थी। हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन में इस प्रकार का पहला मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग महिला चिकित्सक के सैम्पल पुनः जांच के लिए भेज दिए है।
कोरोना वारियर्स को सबसे पहले कोविड-19 का टीका लगा लगा था। इस टीकाकरण में दो बार डोज लगनी थी। महिला चिकित्सक को भी पहली डोज लगाई गई और उसके लगभग 28 दिनों बाद महिला को दूसरी वैक्सिनेशन की डोज लगाई गई। इसके बाबजूद महिला कोरोना पॉजिटिव आई। महिला चिकित्सक सीएमओ ऑफिस में कार्यरत है। महिला का टैस्ट रैपिड एंटीजन टैस्ट के माध्यम से किया गया था और टैस्ट में महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। महिला को बीते दिनों कोविड-19 के लक्षण आए जिसके बाद उन्होंने जांच करवाई।
क्यों किया जाता है जेनेटिक स्क्रीनिंग टैस्ट
जेनेटिक स्क्रीनिंग टैस्ट इसलिए करवाया जाता है, जहां पर हमें बड़ी आबादी के छोटे समूह की पहचान करने में मदद करता है। लोगों के इस छोटे समूह में वास्तव में या तो किसी बीमारी होने का खतरा अधिक हो सकता है, उस बीमारी का विकास हो सकता है इस बारे में पता लगाने के लिए इस टैस्ट की आवश्यकता पड़ती है।
क्या कहना है जिला स्वास्थ्य अधिकारी का
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मुक्ता रस्तोगी ने बताया कि जेनेटिक स्क्रीनिंग टैस्ट (जीनोम) का के माध्यम से कोविड स्ट्रेन का पता लगाने के लिए सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। इस सैम्पल की रिपोेर्ट आगामी दिनों में विभाग के पास पहुंचेगी।















