7 दिसंबर। अध्यक्ष, जिला विधिक सेवाऐं प्राधिकरण एंवम् सत्र न्यायाधीश पूरेन्द्र वैद्य के सौजन्य से जिला कारागार में बन्द विचाराधीन कैदियों के लिए डिजिटल मोड के माध्यम से एक कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में सचिव एवमं अतिरिक्त मुख्यान्यायिक दंडाधिकारी अनिल शर्मा ने कहा कि विचाराधीन कैदी जो न्यायालय में अपना बचाव करने में असमर्थ हैं, उन्हें सरकारी खर्च पर अधिवक्ता नियुक्त किया जाता है, जिसका सारा खर्च जिला विधिक सेवा प्राधिकरण करता है। यदि कोई सजा प्राप्त किया व्यक्ति जेल में है तो उसे अपील करने के लिए अधिवक्ता विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से दिया जाता है। उन्होंने साथ-साथ उन्होंने उन्हें कोरोना काल में कैदियों को मास्क लगाने और सोशल डिस्टेसिंग का पालन करने पर जोर दिया।
उन्होनें कैदियों के अधिकारों व जेल कर्मियों के कर्तव्यों के बारे में भी बताया।
















