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डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय (यूएचएफ), नौणी के कुलपति के रूप में हाल ही में कार्यभार संभालने वाले डॉ. हरमिंदर सिंह बवेजा का विश्वविद्यालय के छात्रों, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों द्वारा औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करने पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
डॉ. बवेजा ने स्वागत के लिए आभार व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय के कर्मचारियों तथा विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों को उनके सहयोग एवं सद्भावना के लिए धन्यवाद दिया।
डॉ. बवेजा ने आज हिमाचल प्रदेश के माननीय राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति कविंदर गुप्ता से शिष्टाचार भेंट की तथा विश्वविद्यालय के माध्यम से कृषि, औद्यानिकी एवं वानिकी क्षेत्रों की सेवा करने का अवसर प्रदान करने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय के कार्यकलापों एवं भावी दृष्टिकोण पर चर्चा की तथा कुलाधिपति को विश्वविद्यालय की ओर से अनुसंधान, प्रसार एवं शैक्षणिक गतिविधियों को सुदृढ़ करने तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया।
कुलपति ने विश्वविद्यालय के वैधानिक अधिकारियों एवं विभागाध्यक्षों के साथ भी बैठक की, जिसमें विभिन्न विभागों की वर्तमान गतिविधियों एवं भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अपनी शैक्षणिक, अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा ताकि विश्वविद्यालय नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सके तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिष्ठा को और मजबूत कर सके।
दिनभर के दौरान डॉ. बवेजा ने विश्वविद्यालय शिक्षक संघ एवं विभिन्न गैर-शिक्षक कर्मचारी एवं तकनीकी कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने सभी संगठनों के सदस्यों से बातचीत की, उनकी समस्याओं को सुना तथा आश्वासन दिया कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान हेतु एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
उन्होंने विश्वविद्यालय के समग्र विकास के लिए सामूहिक प्रयासों के महत्व पर बल देते हुए सभी हितधारकों से मिलकर कार्य करने का आह्वान किया, ताकि विश्वविद्यालय किसानों की प्रभावी ढंग से सेवा कर सके तथा औद्यानिकी एवं वानिकी क्षेत्रों के विकास में अग्रणी भूमिका निभाता रहे। छात्रों के साथ संवाद के दौरान डॉ. बवेजा ने परिसर को विश्व स्तरीय शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र के रूप में विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।















