DNN नालागढ़

08 नम्बर। उपमंडल के अंतर्गत हांडा कुंडी गौ अभ्यारण में गोवंश की हो रही मौतों को लेकर और सोशल मीडिया पर फैलाए जा रही झूठी खबरों को लेकर एसडीएम कार्यालय नालागढ़ में एसडीएम महेंद्र पाल गुर्जर की अगुवाई में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। एसडीएम नालागढ़ ने बताया कि इस गौ अभ्यारण में केवल नंदी गोवंश को ही आश्रय दिया गया है तथा अब तक एक भी गौ माता को यहां पर नहीं रखा गया है।
हाल ही के दिनों में हांडा कुंडी गौ अभ्यारण में बैलों की हुई मृत्यु के कारणों बारे जानकारी साझा करते हुए उन्होंने बताया कि ज्यादातर बैलों की मृत्यु यहां आने से पूर्व खाए गए प्लास्टिक के लिफाफों व अन्य पदार्थों के कारण हुई है जिसका खुलासा पशुपालन विभाग द्वारा मृत पशुओं के पोस्टमार्टम में भी किया गया है। हांडा कुंडी में गौ माता की मृत्यु के संबंध में सोशल मीडिया पर तथ्यहीन समाचार के बारे में टिप्पणी करते हुए उन्होंने बताया कि हांडा कुंडी गौ अभ्यारण में गौ माता की मृत्यु का जिक्र किया जा रहा है जबकि सच्चाई यह है कि वहां पर एक भी गौ माता को नहीं रखा गया है
महेंद्र पाल गुर्जर ने कहा कि प्लास्टिक का उपयोग न केवल पर्यावरण बल्कि गोवंश सहित अन्य पशुओं के लिए भी जानलेवा सिद्ध हो रहा है। उन्होंने इलाका निवासियों से अपील की वे प्लास्टिक के लिफाफे का पूर्णता बहिष्कार करें तथा प्लास्टिक पैकेट में खरीदी गई वस्तुओं के लिफाफे को खुले में ना फैंकें। एसडीएम नालागढ़ ने कहा कि गौ माता हिंदू धर्म की धार्मिक भावना से जुड़ा हुआ एक संवेदनशील विषय है तथा इस बारे में तथ्यहीन व सनसनीखेज खबर फैलाना पूर्णतया गैर जिम्मेदाराना कार्य है। उन्होंने मीडिया से अपील की के इस तरह के संवेदनशील विषयों से जुड़ी खबरें प्रसारित करने से पहले संबंधित विभाग या प्रशासन का पक्ष भी अवश्य लिया करें। वही बैलों की मौतों पर जानकारी देते हुए पशुपालन विभाग नालागढ़ के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ राकेश भट्टी ने बताया कि वर्तमान में हौंडा कुंडी गो अभ्यारण में 416 नंदियों को आश्रय दिया गया है जिनके लिए सरकार व प्रशासन के सहयोग से खान पान, रहन सहन के अलावा चिकित्सीय जांच की भी पूर्ण व्यवस्था की गई है । उन्होंने बताया कि हाल फिलहाल में जितने भी नदियों की मौत हुई है उनके पोस्टमार्टम के बाद यह सामने आया है कि ज्यादा प्लास्टिक का सेवन करने की वजह से बैलों की मौत हो रही है
हाल ही के दिनों में हांडा कुंडी गौ अभ्यारण में बैलों की हुई मृत्यु के कारणों बारे जानकारी साझा करते हुए उन्होंने बताया कि ज्यादातर बैलों की मृत्यु यहां आने से पूर्व खाए गए प्लास्टिक के लिफाफों व अन्य पदार्थों के कारण हुई है जिसका खुलासा पशुपालन विभाग द्वारा मृत पशुओं के पोस्टमार्टम में भी किया गया है। हांडा कुंडी में गौ माता की मृत्यु के संबंध में सोशल मीडिया पर तथ्यहीन समाचार के बारे में टिप्पणी करते हुए उन्होंने बताया कि हांडा कुंडी गौ अभ्यारण में गौ माता की मृत्यु का जिक्र किया जा रहा है जबकि सच्चाई यह है कि वहां पर एक भी गौ माता को नहीं रखा गया है
महेंद्र पाल गुर्जर ने कहा कि प्लास्टिक का उपयोग न केवल पर्यावरण बल्कि गोवंश सहित अन्य पशुओं के लिए भी जानलेवा सिद्ध हो रहा है। उन्होंने इलाका निवासियों से अपील की वे प्लास्टिक के लिफाफे का पूर्णता बहिष्कार करें तथा प्लास्टिक पैकेट में खरीदी गई वस्तुओं के लिफाफे को खुले में ना फैंकें। एसडीएम नालागढ़ ने कहा कि गौ माता हिंदू धर्म की धार्मिक भावना से जुड़ा हुआ एक संवेदनशील विषय है तथा इस बारे में तथ्यहीन व सनसनीखेज खबर फैलाना पूर्णतया गैर जिम्मेदाराना कार्य है। उन्होंने मीडिया से अपील की के इस तरह के संवेदनशील विषयों से जुड़ी खबरें प्रसारित करने से पहले संबंधित विभाग या प्रशासन का पक्ष भी अवश्य लिया करें। वही बैलों की मौतों पर जानकारी देते हुए पशुपालन विभाग नालागढ़ के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ राकेश भट्टी ने बताया कि वर्तमान में हौंडा कुंडी गो अभ्यारण में 416 नंदियों को आश्रय दिया गया है जिनके लिए सरकार व प्रशासन के सहयोग से खान पान, रहन सहन के अलावा चिकित्सीय जांच की भी पूर्ण व्यवस्था की गई है । उन्होंने बताया कि हाल फिलहाल में जितने भी नदियों की मौत हुई है उनके पोस्टमार्टम के बाद यह सामने आया है कि ज्यादा प्लास्टिक का सेवन करने की वजह से बैलों की मौत हो रही है














