DNN सोलन
डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के विस्तार शिक्षा निदेशालय द्वारा औषधीय एवं सुगंधित पौधों के उत्पादन, प्रौद्योगिकी एवं मूल्यवर्धन पर कौशल विकास प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के समन्वयक डॉ. अनिल सूद, प्रधान वैज्ञानिक (कीट विज्ञान) ने बताया कि यह शिविर कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद अटारी, लुधियाना के माध्यम से प्रायोजित किया गया था। इस शिविर में सोलन, सिरमौर, मंडी व किन्नौर जिलों के 20 किसानों ने भाग लिया।
इस शिविर में वन उत्पाद विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मीनू सूद ने किसानों को औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती व मूल्य संवर्धन का वर्तमान परिदृष्य तथा भविष्य की रणनीति पर जानकारी दी, साथ ही उन्होंने स्टीवीया, मैररीकेरिया, साल्विया इत्यादि औषधीय पौधों की खेती, रख-रखाव व औषधीय महत्व पर भी किसानों को बताया। उन्होंने विभिन्न औषधीय पौधों के बीजों की पहचान इत्यादि की भी जानकारी दी। डॉ. यशपाल शर्मा ने लुप्त हो रहे औषधीय पौधों व अन्य पौधों की खेती तथा संरक्षण तथा तेल निकालने की विधि की जानकारी दी।