DNN बद्दी
विपरित पर्यावरण के बावजूद बद्दी के फार्मा उद्यमी ने यहां पर सेब उगाकर नया कारनामा कर दिखाया है। बद्दी के फार्मा उद्यमी एंव अमित सिंगला वेल्फेयर सोसाईटी के अध्यक्ष सुमित सिंगला ने सेब के पौधों को कामयाब ही नहीं किया बल्कि उन पौधों पर फल भी आने लगे हैं। सुमित सिंगला ने अपने उद्योग आईबीएन हर्बल में पांच साल पहले सेब के पौधे लगाए थे जिसमें से तीन पौधे कामयाब हुए और उन पर फल आने शुरू हो गए हैं। बीबीएन जैसे औद्योगिक क्षेत्र में सेब का पौधा किसी अचंभे से कम नहीं है, पूरे बीबीएन क्षेत्र में आईबीएन हर्बल उद्योग एकमात्र ऐसी जगह होगी जहां सेब के पौधे दिखाई देंगे।
अमित सिंगला वेल्फेयर सोसाईटी के अध्यक्ष एंव क्योरोटेक फार्मूलेशन के एमडी सुमित सिंगला ने बताया कि उन्होंने पाच वर्ष पहले अपने यूनिट-2 आईबीएन हर्बल में सेब के 3 पौधे लगाए थे। जिसमें तीनों पौधे कामयाब हो गए हैं और 2 पौधों पर इस बार फल आने शुरू हो गए हैं। सुमित सिंगला ने कहा कि उन्होंने अपने बच्चों की भांति इन सेब के पौधों की खुद देखरेख की जिसका सुखद परिणाम इस वर्ष उन्हें मिला है। सुमित सिंगला ने बताया कि उनकी सोसाईटी पर्यावरण संरक्षण पर लंबे समय से काम कर रही है ताकि औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन को प्रदूषण से बचाया जा सके।
सोसाईटी ने जितने भी पौधे बद्दी व आसपास के क्षेत्र में लगाए हैं उनमें से अधिकतर पौधे कामयाब हुए हैं।
सुमित सिंगला ने कहा कि पूरे प्रदेश में हर वर्ष 5 जून पर पौधारोपण किया जाता है लेकिन कभी किसी ने यह नहीं देखा की वह पौधे कामयाब हुए या नहीं। पर्यावरण बचाने के लिए हमें हर पल सजग रहना पड़ता है, पानी की खपत कम कर बचत करनी पड़ती है, धरती पर हरियाली को तेजी से बढ़ाना होगा और पर्यावरण का महत्व समझते हुए इसमें सुधार करना होगा। असल में पर्यावरण को बचाने का कोई शार्टकट उपाय नहीं है। सिंगला ने कहा कि उन्होंने 5 साल सेब के पौधों को बच्चों की तरह पाला और आज उन पर आए फल उनके लिए किसी बढ़ी खुशी से कम नहीं है।



















