Dnewsnetwork अक्टूबर
चौथे शूलिनी मार्वल इंटरनेशनल मीडिया फेस्ट में भारत, बांग्लादेश और नेपाल के छात्र मीडिया कॉम्पिटिशन, परफॉर्मेंस और कल्चरल एक्सचेंज के लिए शूलिनी यूनिवर्सिटी कैंपस में इकट्ठा हुए। फैकल्टी ऑफ़ मीडिया एंड लिबरल आर्ट्स द्वारा आयोजित यह दो दिन का फेस्ट 29 और 30 सितंबर को हुआ।
इस इवेंट में 200 से ज़्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया, जिनमें सोलन और उसके आस-पास के स्कूलों के 90 से ज़्यादा छात्र शामिल थे। स्कूल और यूनिवर्सिटी के छात्रों ने फ़ोटोग्राफ़ी, फ़िल्ममेकिंग, न्यूज़ एंकरिंग और थिएटर जैसी एक्टिविटीज़ में भाग लिया।
ज़्यादातर इंटरनेशनल प्रतिभागी बांग्लादेश से आए थे, जिनमें ढाका यूनिवर्सिटी, बांग्लादेश यूनिवर्सिटी ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (BUET), जगन्नाथ यूनिवर्सिटी, बांग्लादेश यूनिवर्सिटी ऑफ़ प्रोफेशनल्स, चिटगांव यूनिवर्सिटी और डैफ़ोडिल इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के छात्र शामिल थे।
मीडिया फेस्ट में 14 से ज़्यादा कॉम्पिटिशन और एक्टिविटीज़ हुईं, जिनमें फ़ोटोग्राफ़ी, न्यूज़ एंकरिंग, शॉर्ट फ़िल्ममेकिंग, भाषण प्रतियोगिता, रेडियो जॉकीिंग, कैप्शन राइटिंग, इंस्टाग्राम रील्स और क्विज़ शामिल थे। प्रोग्राम में थिएटर परफॉर्मेंस, स्टैंड-अप कॉमेडी और दूसरी कल्चरल एक्टिविटीज़ भी शामिल थीं।
फ़ाउंडर चांसलर प्रो. पीके खोसला उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए, जबकि प्रो-चांसलर प्रो. विशाल आनंद सम्मानित अतिथि थे। फेस्ट डायरेक्टर प्रो. निष्ठा शुक्ला आनंद ने आयोजन टीम और फैकल्टी सदस्यों के साथ मिलकर इस फेस्ट का संचालन किया।
मीडिया और लिबरल आर्ट्स फैकल्टी की डीन, प्रोफ़ेसर निष्ठा शुक्ला आनंद ने दर्शकों को ‘शूलिनी अपस्किल’ (Shoolini Upskill) के बारे में बताया। यह एक ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म है जो AI, बिज़नेस, मार्केटिंग, फ़ाइनेंस और कम्युनिकेशन में शॉर्ट कोर्स ऑफ़र करता है। तीन घंटे से कम समय में पूरे होने वाले ये कोर्स काम और पर्सनल डेवलपमेंट के लिए ज़रूरी प्रैक्टिकल स्किल्स पर फ़ोकस करते हैं।
प्रोफ़ेसर पीके खोसला ने मीडिया सेक्टर में हो रहे बदलावों और टेक्नोलॉजी व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते असर पर बात की। उन्होंने युवा मीडिया प्रोफ़ेशनल्स से कहा कि वे नई टेक्नोलॉजी को समझें, लेकिन साथ ही अपनी क्रिएटिविटी, इंसानी समझ और कम्युनिकेशन के प्रति ज़िम्मेदार नज़रिया भी बनाए रखें।
प्रो-चांसलर प्रोफ़ेसर विशाल आनंद ने अलग-अलग इलाकों और देशों के युवाओं को एक साथ लाने के फ़ायदों के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि साथियों के साथ बातचीत करने और विचारों के आदान-प्रदान से स्टूडेंट्स को दूसरे नज़रिए समझने और अलग-अलग कल्चर में काम करने के लिए तैयार होने में मदद मिलती है।
प्रोफ़ेसर निष्ठा शुक्ला आनंद ने कहा कि इस फ़ेस्ट ने स्टूडेंट्स को कॉम्पिटिशन, क्रिएटिव काम और कल्चरल एक्सचेंज के ज़रिए मीडिया का प्रैक्टिकल अनुभव दिया। उन्होंने कहा कि भारत और विदेश के संस्थानों की भागीदारी से स्टूडेंट्स को अलग-अलग बैकग्राउंड वाले साथियों के साथ काम करने और उनसे सीखने का मौका मिला।
प्रो चांसलर प्रोफ़ेसर विशाल आनंद ने ‘मीडिया ट्रुथ लैब’ का उद्घाटन किया। यह फ़ैक्ट-चेकिंग पहल प्रोफ़ेसर निशा कपूर ने स्टूडेंट्स हर्ष राज, सैयद अल हसन और कशिश कोटिया के साथ मिलकर शुरू की है । इस लैब का मकसद स्टूडेंट्स को जानकारी की पुष्टि करने, सोर्स की जांच करने और ऑनलाइन ज़िम्मेदारी से कम्युनिकेट करने की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देना है। यह लैब गलत जानकारी और हेर-फेर किए गए कंटेंट से निपटने का काम करेगी, जिससे स्टूडेंट्स किसी भी चीज़ को शेयर या पब्लिश करने से पहले उसकी सटीकता और विश्वसनीयता की जांच कर सकेंगे।
दूसरे दिन स्टैंड-अप कॉमेडी और ‘बेस्ट शॉर्ट फ़िल्म’ का अवॉर्ड जीतने वाली फ़िल्म की स्क्रीनिंग हुई। इसके बाद समापन समारोह और पुरस्कार वितरण हुआ, और फ़ेस्ट का समापन औपचारिक धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।
प्रोफ़ेसर आशीष खोसला ने इस बात पर चर्चा की कि कैसे AI कंटेंट क्रिएशन, जर्नलिज़्म और डिजिटल कम्युनिकेशन को बदल रहा है। उन्होंने AI से बने कंटेंट की पुष्टि करने और इंसानी निगरानी बनाए रखने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया, ताकि इन टूल्स का इस्तेमाल नैतिक समझ के साथ किया जा सके।
कॉम्पिटिशन के विजेता इस प्रकार हैं:
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने फ़ोटोग्राफ़ी (वरदान), न्यूज़ एंकरिंग (योगी कुमार), रेडियो जॉकी (अदिति शुक्ला) और इंस्टाग्राम रील कॉन्टेस्ट (तन्वी चड्ढा, सबीरा शकूर और परी गुप्ता) में पहला स्थान हासिल किया। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के UIMS थिएट्रिकल एक्ट ने कल्चरल इवनिंग प्रतियोगिता जीती।
शूलिनी यूनिवर्सिटी की काश्वी राय ने डिक्लेमेशन प्रतियोगिता जीती, जबकि यूनिवर्सिटी ने क्विज़ प्रतियोगिता जीती। हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी की किरण कुमारी ने शॉर्ट फ़िल्म प्रतियोगिता जीती और SILB की प्रियंका कुमारी ने ‘कैप्शन द फ़ोटो’ प्रतियोगिता जीती।
इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के लिए यह फ़ेस्ट हिमाचल प्रदेश को जानने और अलग-अलग देशों के साथियों के साथ समय बिताने का एक मौका भी था। डैफ़ोडिल इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी की फ़ाइनल ईयर की स्टूडेंट तंजिना टिन्नी ने कहा, “शूलिनी यूनिवर्सिटी का मार्वल मीडिया फ़ेस्ट यादगार रहा। मुझे शानदार इंटरनेशनल साथियों से जुड़ना बहुत अच्छा लगा। हमने अपनी संस्कृति और हंसी-मज़ाक के ज़रिए आपस में गहरा जुड़ाव महसूस किया।” उन्होंने इस अनुभव और इस यात्रा के दौरान बनी दोस्ती के लिए शूलिनी का शुक्रिया अदा किया।
चटगांव यूनिवर्सिटी के सातवें सेमेस्टर के स्टूडेंट अराफ़ात रहमान ने कहा, “सोलन ने बारिश के साथ हमारा स्वागत किया और सचमुच हमारा दिल जीत लिया।” उन्होंने इवेंट्स, कल्चरल शामों और साथी स्टूडेंट्स से मिले स्वागत को याद किया और इस यात्रा को मुमकिन बनाने के लिए डॉ. शकील, सैयद और सौरिन का धन्यवाद किया।
फ़ैकल्टी कोऑर्डिनेटर प्रोफ़ेसर रंजना ठाकुर और प्रोफ़ेसर निशा कपूर ने मीडिया और लिबरल आर्ट्स फ़ैकल्टी के सदस्यों के साथ मिलकर इस फ़ेस्ट का आयोजन किया। दो दिन तक चले इस इवेंट का समापन समापन समारोह, पुरस्कार वितरण और प्रोफ़ेसर चरणजीत सिंह के औपचारिक धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।














