DNN सोलन ब्यूरो (आदित्य सोफत)
17 अगस्त। सोलन नगर परिषद को नगर निगम बनाने को लेकर इन दिनों चर्चाओं का माहौल गर्म हैं। इस चर्चाओं के बीच 15 अगस्त को नगर निगम की घोषणा की उम्मीद लगाकर बैठे लोगों को अभी इसका और इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि, नगर परिषद सोलन को नगर निगम बनाने की कवायद शुरू की जा चुकी है और औपचारिकताएं भी पूरी की जा रही है।
इसी बीच 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान मिडिया के सवालों के जबाब देते हुए शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि नगर निगम बनाने को लेकर मंत्रिमंडल में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। नगर निगम बनाने के लिए क़ानूनी प्रोसेस पूरा किया जाएगा। कागजात पुरे होने के बाद मंत्रिमंडल की बैठक निर्णय होगा तभी घोषणा की जाएगी। इसी के साथ नगर निगम में समिल्लित होने वाली ग्राम पंचायतों के विरोध को लेकर पूछे गए प्रश्न का जबाब देते हुए मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि सभी प्रकार से इस ओर देखा जाएगा कि एकजुट में क्या कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहरीकरण को लेकर कुछेक लोगों द्वारा विरोध किया जाता है। यह सभी बातों को सुनने के लिए समय दिया जाता है यह सभी प्रक्रिया जब शुरू होगी उसके बाद ही इसके बारे में कुछ कहा जा सकता है।



बता दें कि बीते कुछ दिनों से नगर निगम को लेकर सोलन में काफी हलचल है। इसी के साथ नगर परिषद सोलन को नगर निगम बनाने को लेकर समिल्लित होने वाली अधिकतर पंचायतों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है। बीते दिनों हुई पंचायत प्रतिनिधियों की एक बैठक में खासा रोष देखने को मिला है। साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को उपायुक्त सोलन के माध्यम से ज्ञापन भी सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से पंचायत प्रतिनिधियों ने मांग कि की पंचायतों को नगर निगम सम्मिलित न किया जाए, केवल नप के तहत आने वाले वार्डों की ओर ही ध्यान दिया जाए।

सोलन को नगर निगम बनाने को लेकर आसपास की पंचायतों को भी सम्मिलित किया जाना है। जैसे ही पंचायत प्रतिनिधियों को इसका पता चला तो उन्होंने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि इसको लेकर प्रस्तावित आठ पंचायतों जिनमे कोठों, शामती, सेरी, सलोगड़ा, पड़ग, सपरून, आंजी, बसाल की पंचायतों को नगर निगम बनाने के लिए शमिल किया जाना है, लेकिन लोगों में लेकर इसको लेकर काफी रोष है। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि वह सोलन शहर को नगर निगम बनाने के विरोध में नहीं है लेकिन इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों को इसमें शामिल सही नहीं है।

























