DNN सोलन
महत्वाकांक्षी पोषण अभियान में निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए एक बार पुनः सोलन जिला को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह जानकारी आज यहां उपायुक्त सोलन केसी चमन ने दी।
केसी चमन ने कहा कि पोषण अभियान के तहत सोलन जिला को जिला स्तरीय कन्वरजेंस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ज़ुबिन ईरानी ने नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल की उपस्थिति में उपायुक्त सोलन एवं एकीकृत बाल विकास परियोजना विभाग की टीम को यह पुरस्कार प्रदान किया। उपायुक्त सोलन केसी चमन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी सोलन वंदना चौहान ने यह पुरस्कार प्राप्त किया।
उपायुक्त ने कहा कि पोषण अभियान के तहत कुपोषण को मिटाने एवं कुपोषण से संबंधित अन्य समस्याओं को दूर करने के लिए सोलन जिला में विभिन्न सम्बद्ध विभागों के सहयोग से सघन अभियान कार्यान्वित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिला में ‘हर घर पोषण त्यौहार’ आरंभ किए गए। इस त्यौहार द्वारा सोलन जिला की सभी ग्राम पंचायतों एवं गांव-गांव में लोगों को यह समझाने में सहायता मिली है कि कुपोषण को दूर करने के लिए क्या किया जाना चाहिए और इस संबंध में किस प्रकार केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा सहायता प्रदान की जा रही है।
केसी चमन ने कहा कि सघन अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए। जनवरी से मार्च 2019 की अवधि में सोलन जिला में गर्भाधान के 12 सप्ताह के भीतर गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण प्रतिशत बढ़कर 81.78 प्रतिशत हो गया। इस अवधि में एक वर्ष तक के शिशुओं का टीकाकरण शत-प्रतिशत रहा। इस समय अवधि में गर्भवती महिलाओं को निर्धारित स्थानों से 360 कैल्शियम गोली देने का प्रतिशत 95.33 प्रतिशत रहा। 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों एवं किशोरों को पहले तथा दूसरे चरण में पेट के कीड़े मारने की दवा देने का प्रतिशत लगभग 99 प्रतिशत रहा।
उन्होंने कहा कि इस अवधि में जिला के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में महिलाओं को स्तनपान का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया गया और इस संबंध में उचित परामर्श दिया गया। उन्होंने कहा कि पोषण अभियान आरंभ होने के उपरांत जिला के सभी 1281 आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषण के संबंध में परामर्श सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। यह सत्र प्रत्येक माह की 15 एवं 24 तारीख को आयोजित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में गोद भराई, अन्न प्राशन्न संस्कार एवं जन्म दिवस को उत्सव के रूप में मनाया जाता है। आंगनबाड़ी केन्द्रों में प्रथम प्रवेश दिवस और सुपोषण दिवस का आयोजन भी किया जाता है।
केसी चमन ने कहा कि गत वर्ष भी सोलन जिला को पोषण अभियान में राष्ट्रीय स्तर के तीन पुरस्कार प्राप्त हुए थे। जिला को क्षेत्रीय कार्यकर्ता श्रेणी, व्यक्तिगत उत्कृष्टता एवं ग्राम कन्वरजेन्स पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। जिला इन तीनों श्रेणियों में प्रदेश में प्रथम रहा था।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च, 2018 में राजस्थान के झुंझुनु जिला से महत्वाकांक्षी पोषण अभियान का शुभारंभ किया था। अभियान का उद्देश्य वर्ष 2022 तक भारत को कुपोषण मुक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में यह अभियान हिमाचल प्रदेश के सोलन, चंबा, हमीरपुर और शिमला जिलों में कार्यान्वित किया जा रहा है। द्वितीय चरण में ऊना जिला को अभियान के लिए चिन्हित किया गया है। उन्होंने कहा कि अभियान के प्रथम चरण में देश के 315 जिलों तथा द्वितीय चरण में 235 जिलों का चयन किया गया।
केसी चमन ने कहा कि जिला प्रशासन प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार इस अभियान की शत-प्रतिशत सफलता के लिए कार्यरत है और यह सुनिश्चित बनाया जाएगा कि अभियान के माध्यम से सोलन जिला से कुपोषण को पूर्ण रूप से समाप्त किया जाए।
















