डीएनएन शिमला
प्रदेश में करारी हार के बावजूद भी कांग्रेस में खींचतान कम होने का नाम नहीं ले रही है। भाजपा जहां प्रदेश में सरकार बनाने के बाद मिशन 2019 पर डट गई है वहीं कांग्रेसी अभी आपस में ही उलझे है। यहीं कारण रहा कि वीरवार को कांग्रेसी विधायक नेता विपक्ष नहीं चुन पाए। अब इसका फैसला हाईकमान करेगा। कांग्रेस विधायक दल की बैठक राजीव भवन में हुई, लेकिन इस बैठक में कोई निर्णय नहीं हो पाया। बैठक की अध्यक्षता हिमाचल कांग्रेस प्रभारी सुशील कुमार शिंदे ने की। पता चला है कि ज्यादातर विधायक वीरभद्र सिंह के साथ है। जबकि कुछ विधायक नए चेहरे को नेता विपक्ष बनाना चाहते है। बैठक में काफी चर्चा के बाद सभी विधायकों ने एक मत से प्रस्ताव पास करके पार्टी प्रभारी को सौंप दिया है जिसमें कहा गया है कि नेता प्रतिपक्ष को लेकर पार्टी हाईकमान फैसला करे। वहीं इस बैठक में शिमला में कोई निर्णय न होने से यह भी साफ है कि हार के बावजूद भी कांग्रेस में अभी खींचतान बंद नहीं हुई है।















