सीनियर छात्रों द्वारा वसूली के मामले में नया खुलासा

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DNN सोलन

26 मार्च। सोलन में जूनियर छात्रों से सीनियर छात्रों द्वारा वसूली के मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने इस मामले की गहनता से जांच करने के बाद खुलासा किया है कि छात्रों पर लगाए गए वसूली के आरोपी की पुष्टि जांच में नहीं हुई है। जांच में यह खुलासा हुआ है कि छात्र ऑनलाइन गेमिंग के लिए पैसे देते थे। ऑनलाइन गेमिंग का रिचार्ज करने के लिए ही पैसों का लेनदेन जांच में सामने आया है। वही इस मामले की जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने उस छात्रों के अभिभावकों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है जिन्होंने बिना पुलिस को बताएं सीनियर छात्रों को पड़कर पुलिस के हवाले किया था। जांच में पुलिस ने पाया है कि अभिभावकों द्वारा इस संबंध में एक वीडियो भी छात्रों का वायरल किया गया जिसको लेकर पुलिस ने सदर थाना सोलन में मामला दर्ज किया है। एसपी सोलन गौरव सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए जानकारी दी कि एक महिला ने पुलिस थाना सदर सोलन में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि इनका बेटा सोलन के एक स्कूल में 10वीं कक्षा में पढ़ता है । इनके बेटे ने इन्हें बतलाया कि पिछले कुछ समय से सोलन शहर के भिन्न-2 स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र इससे व इसके दोस्त जो उसी स्कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ता है, से डरा धमकाकर पैसे मांगते है जो इन्होंने बतलाया कि अभी तक इनके बेटे व इसके दोस्त से 2,45,000 रुपए ले लिए है । जिस पर दिनाँक 18 मार्च 2024 को पुलिस थाना सदर सोलन में अभियोग अधीन भादस की धारा 384 भादस के तहत पंजीकृत किया गया । एसपी सोलन गौरव सिंह ने बताया कि इस अभियोग के अन्वेषण के दौरान वारदात में संलिप्त नाबालिग छात्रों में से दो नाबालिग छात्रों, जिन्हें शिकायतकर्ता अपने साथ पुलिस चौकी शहर सोलन लाये थे, से उनके परिजनों के समक्ष पूछताछ की गई व पूछताछ के उपरान्त उन्हें उनके परिजनों के सपुर्द किया गया। जांच के दौरान ज्ञात हुआ है कि पीड़ित छात्रों द्वारा जिन कुछ नाबालिग छात्रों पर इनसे पैसे वसूलने के आरोप लगाये गये हैं, उनमें से 02 छात्र इन्ही पीड़ित छात्रों के साथ पढ़ते हैं जबकि बाकी के छात्र शहर के अलग-अलग स्कूलों में पढ़ते हैं तथा सभी एक दूसरे के परिचित व दोस्त हैं ।

अन्वेषण के दौरान पता चला है कि ये सभी छात्र आपस में मिलकर पैसे इकट्ठे करके स्कूल के साथ की दुकान में खर्च करते थे तथा ऑन लाईन गेम भी खेलते थे । एसपी सोलन गौरव सिंह ने कि इसके अतिरिक्त स्कुल के साथ ही बने साईबर कैफे से भी यह छात्र आनलाई गेमिंग के लिए रिचार्ज करवाते थे । कैफ़े के मालिक से इस सम्बध में पूछताछ की गई तो 05 मार्च व 06 मार्च को भी उक्त छात्रो के द्वारा आनलाईन फ्री फायर गेमिग के लिए रिचार्ज करवाए जाने की पुष्टी हुई है । इसके अतिरिक्त एक अन्य आरोपी युवक हाल ही में 18 वर्ष का हुआ है जो आनलाईन गेमिग की ID बेचता था तथा यह छात्र आपस में गेमिग की ID को purchase करते थे जिसके लिए इन छात्रो ने उस युवक को पैसे भी दिये थे । जांच पर यह भी पाया गया है कि ये छात्र स्कूली छात्रों से पैसे इकठ्ठे करने के लिए इन छात्रों को न तो डराते धमकाते थे न ही उन्हें किसी प्रकार की धमकी देकर, चाकू दिखाकर जोर जबरदस्ती करते थे, अपितू ये छात्र स्वेच्छा से गेमिंग आईडी ख़रीदने या रिचार्ज करने आदि के लिए इन आरोपी छात्रों को पैसे दे देते थे क्योकि ये सभी एक दूसरे को काफी समय से जानते थे । 18-मार्च-2024 को जब इन छात्रों को शिकायतकर्ता द्वारा काबू किया गया था तो उस दौरान इनसे कोई भी हथियार,चाकू रोड, नक्कल आदि बरामद हुआ था।

शिकायतकर्ता ने भी अपनी शिकायत में इनसे किसी प्रकार के हथियार बरामद होने का कोई जिक्र न किया है । अभियोग के अन्वेषण के दौरान यह पाया गया है शिकायकर्ता सरकारी व प्राईवेट पेशा करते है जो शिकायतकर्ता द्वारा इनके बच्चों से छात्रों द्वारा कितने पैसे लिए गए, का ब्यौरा उपलब्ध न करवाया गया है न ही इस संदर्भ में कोई रिकार्ड पेश किया है कि इन्होने घर में इतने पैसे कैसे रखे थे । साथ ही छात्रो के परिजनो के द्वारा इस संदर्भ में कोई भी शिकायत पुलिस प्रशासन या स्कूल में दर्ज न करवाई गई थी । इसके अतिरिक्त अभी तक की जांच से ऐसा कोई भी साक्ष्य सामने न आया है जिससे इन आरोपी छात्रों का किसी गैंग से सम्बन्ध हो या ये नशा तस्करी में संलिप्त रहे हो ।

पीड़ित छात्रों के स्कुल प्रधानाचार्य व इनके कक्षा अध्यापकों से की गई पुछताछ पर पाया गया है दिसंबर से स्कुल की छुट्टियां थी जो फरवरी से स्कुल ओपन हुए थे जो फरवरी में सैशन ओपन होने के बाद इन छात्रों के पास पहले भी कई बार कक्षा में पैसे मिले थे, जिसकी सूचना स्कुल प्रबन्धन द्वारा इनके परिजनों को दी गई थी परन्तु परिजनों ने इस सन्दर्भ में स्कुल प्रशासन से कोई सम्पर्क न किया । इसके अतिरिक्त जांच पर यह भी पाया गया है कि स्कुल परिसर में इस प्रकार की वारदात न हो, इसके लिए स्कुल प्रबन्धन द्वारा प्रतिदिन अध्यापकों की डियूटी लगाई जाती है तथा इससे पुर्व कभी भी इस प्रकार की वारदात किसी भी छात्र व अभिभावक द्वारा स्कुल प्रशासन के संज्ञान में न लाई गई ।

एसपी सोलन गौरव सिंह ने कहा कि वारदात में संलिप्त आरोपी छात्रो को पीड़ित बच्चों के माता पिता ने बिना पुलिस को बताये और बिना पुलिस की मदद के ख़ुद ही ग़ैर क़ानूनी तरीक़े से डीटेन करके सार्वजनिक स्थान पर मारपीट की और इनको गालियाँ भी दी और ऐसा करते हुए एक विडियो वायरल किया गया। जो इस प्रकार के अंसवेदनशील और गैर कानुनी कृत्य पर दोनों आरोपी छात्रों का चिकित्सा परीक्षण करवाया गया और इनके साथ मारपीट करके विडियो वायरल करने वाले आरोपी पेरेंट्स के विरूद्ध पुलिस थाना सदर सोलन में अधीन धारा 323,342,34 भा०द०स० व धारा 75 जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत मामला पजीकृत किया गया है, जिसका अन्वेषण जारी है।

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