DNN शिमला
प्रदेश सरकार अगर सच में आमजन की हितैषी है तो क्यों अब तक पंचायत चौकीदारों को नियमित नहीं किया जा रहा। 1952 से 2018तक पंचायत चौकीदार अपनी सेवाएं पंचायतों में दे रहे हैं लेकिन पंचायत चौकीदारों को मात्र 4 हजार रूपये वेतन दिया जा रहा है जो कि पंचायत चौकीदारों के साथ अन्याय है। इंटक प्रदेश अध्यक्ष बबलू पंडित ने कहा कि सरकार गरीब वर्ग और मजदूर हितैषी होने के खोखले दावे करती है। अगर जयराम सरकार असल में आमजन की हितैषी है तो पंचायत चौकीदारों को क्यों नियमित नहीं किया जा रहा। बबलू पंडित ने कहा कि 37सालों से पंचायतों में सेवाएं दे रहे हैं, जबकि अन्य विभागों में 5 साल के बाद सभी पार्ट टाईम को नियमित किया जाता है। उन्होंने कहा कि पंचायत चौकीदार सुबह 9 से 5 पंचायत घरों में डयूटी देते हैं।
जबकि निदेशक पंचायती राज विभाग द्वारा 9 मई 2017 को नियुक्ति एंव कार्यों से संबंधित दिशा निर्देश किए हैं कि पंचायत चौकीदार पार्ट टाईम (अंशकालीन) कर्मचारी होगा। बबलू पंडित ने कहा कि जब काम लेने की बारी आती है तो पंचायत चौकीदारों को निदेशक पंचायत राज हिमाचल प्रदेश आदेश करती है कि पंचायत चौकीदारा ग्राम सभाओं की इतलाह व थाना से न्यायालय तथा पंचायतों द्वारा दिए गए सम्मनों की जिम्मेदारी की तामील करते हैं। बबलू पंडित ने सरकार से मांग उठाई है कि 0 से 8 साल तक पंचायत चौकीदारों को पार्ट टाईम किया जाए और 8 से 15 साल तक पंचायत चौकीदारों को दैनिक वेतनभोगी बनाया जाए। जबकि 15 साल से ऊपर पंचायत चौकीदारों को नियमित किया जाए। इंटक ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने इस ओर कोई कदम नहीं उठाया तो इंटक पंचायत चौकीदारों को साथ लेकर सड़कों से लेकर विधानसभा सभा तक विरोध प्रदर्शन को विवश हो जाएगी।















