DNN सोलन
मीडिया एंव कम्युनिटी मोबिलाइजेशन इंटरवेंशन के तहत डाइट सोलन में 20 अडॉप्ट प्राइमरी एंड मिडल स्कूलों के एसएमसी प्रधान व टीचर्स, सीएचटी और डाइट को-ऑर्डिनेटर के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ डिप्टी डायरेक्टर एलीमेंट्री भागचंद चौहान ने किया, जबकि समापन डाइट सोलन के प्रिंसिपल संजीव ठाकुर ने किया।
डाइट फैकल्टी ने सोलन के आसपास वाले 20 स्कूल अडॉप्ट किए हैं, जिनमें 18 प्राइमरी स्कूल व 2 मिडल स्कूल शामिल है। अडॉप्ट किए स्कूलों में डाइट फैकल्टी माह में दो या तीन विजट करेगी। स्कूल में वह शिक्षा की गुणवत्ता, छात्रों के पंजीकरण, क्लासरूम टीचिंग, एसएमसी का स्कूल के विकास में भूमिका और छात्रों की स्कूल में मिल रही सुविधाओं पर विशेष ध्यान देगी।
मीडिया एवं कम्युनिटी मोबिलाइजेशन के को-ऑडिनेटर डॉ रामगोपाल शर्मा ने बताया कि कार्यशाला में कम्युनिटी मोबिलाइजेशन पर एससीईआरटी सोलन के एजूकेशन एसोसिएट प्रोफेसर डॉ तिलक भारद्वाज ने एसएमसी की भूमिका, दायित्व, अधिकार, गुणात्मक शिक्षा, सोशल ऑडिल, नशा निषेध, शिक्षा संवाद, इंक्लूसिव एजूकेशन और लर्निल लेबल पर नेशनल पैरामीटर के अनुसार प्रशिक्षण दिया। दूसरे सत्र में क्लालिटी इंचार्ज बवीता ठाकुर ने स्कूल प्रबंधन, स्कूली शिक्षा में नवाचार एवं मीडिया के माध्यम से स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा संबंधी पोर्टल पर प्रशिक्षण दिया।
मीडिया की भूमिका पर संवाद सत्र में जनसंचार माध्यमों के द्वारा सक्सेस स्टोरीज और अन्य विषयों को रखकर भी गुणात्मकता को बढ़ाया जा सकता है। इसमें मीडिया की अहम भूमिका है ताकि पॉजिटिव मैसेज समाज में जाएं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य 20 अडॉप्ट स्कूलों को शिक्षा के लिए मॉडल के रूप में तैयार करना और आपसी अनुभवों को शेयर कर शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए हो रहे नए-नए शोधों, प्रयोगों एव तकनीकों को कम्युनिटी तक पहुंचाना है। फोकस ये रहा कि कम्युनिटी की जितनी सक्रिय सहयोगात्मक एवं ज्यादा भूमि रहेगी स्टूडेंट्स उतने ही गुणवत्तापूर्ण होंगे।















