DNN शिमला (रमेश वर्मा)
हिमाचल प्रदेश की राजधानी के डेंटल प्रदेश का पहला तंबाकू छुड़ाने वाला ‘सिसेशन’ सेंटर खुलने जा रहा है सभी झांटे हैं कि तंबाकू सेहत के लिए हानिकारक है, फिर भी इसका सेवन करने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मगर अब नशा छोड़ने व छुड़ाने के लिए टेंशन लेने की जरूरत नहीं। डेंटल काॅलेज शिमला में जल्द ही प्रदेश का पहले तंबाकू सिसेशन सेंटर खुलेगा।पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभाग के तहत यह सेंटर खोला जाएगा। इसमें जहां नशा करने वालों को बेहतर सलाह से नशा छुड़ाया जाएगा, वहीं उन्हें दवाएं भी दी जाएगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय व डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया के निर्देशानुसार यह सेंटर खोला जाना है।
इसके लिए पूरी तैयारियां कर ली गई है। कुछ ही माह में यह सेंटर शुरू कर दिया जाएगा।डेंटल कालेज के पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. विनय भारद्वाज ने बताया कि सेंटर में आईजीएमसी समेत अन्य अस्पतालों से भी मरीजों को रेफर किया जाएगा। इसमें संबंधित विभाग के चिकित्सक मरीज को नशे के बारे में पूछेंगे। यदि कोई अधिक नशे का सेवन करता है तो उसे इस सेंटर में रेफर किया जाएगा। सेंटर में चिकित्सक उसे दवा व सलाह देकर नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करेंगे।तंबाकू निकोटियाना तबाकम नामक पौधे की पत्तियों से तैयार किया जाता है, जिसमें निकोटीन कैमिकल पाया जाता है। निकोटीन में कैंसर उत्पन्न करने वाले तत्व होते हैं। इसके अलावा इसके लगातार सेवन करने से दिल की बीमारियां, पेट का अल्सर, हाई ब्लड प्रैशर, एसिडिटी, अनिद्रा जैसी कई बीमारियां भी संभावना भी का फी अधिक बढ़ जाती है। धूम्रपान, गुटखा एवं तंबाकू खाने से मुंह ,गले, श्वास 1 प्रदेश में तंबाकू का सेवन करने का आंकड़ा हालांकि कम हुआ है। यह 24.06 प्रतिशत घटा है। यह दावा वर्ल्ड नो टोबैको डे के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग ने किया था। ये सर्वे विश्व स्तर पर 15 से 17 साल के बच्चों पर किया गया था।
केंद्रीय मंत्रालय और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज संस्थान ने मिलकर भारत में इस सर्वे को आयोजित किया था। सर्वे में यह बताया गया है कि हिमाचल प्रदेश तंबाकू का सेवन कम करने में पूरे भारत में 8वां स्थान पर आया है।अकसर युवा नशीली चीजों का इस्तेमाल शौकिया तौर पर करते हैं, हालांकि कुछ लोग गलत संगत, तनाव व अन्य परिस्थितियों से पीछा छुड़वाने के लिए इन मादक चीजों का इस्तेमाल करने लगते हैं जो बाद में बुरी लत बन जाती है। धूम्रपान, बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, जर्दा जैसे अनेकों उत्पाद तंबाकू का ही रूप हैं। इसका सेवन आपको बहुत बीमार कर सकता है, यहां तक की यह जान भी ले सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन रिपोर्ट के अनुसार, 1 सिगरेट जिंदगी के 11 मिनट और पूरा पैकेट 3 घंटे 40 मिनट छीन लेता है।



















