डॉ यशवंत सिंह परमार औदयानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के पर्यावरण विज्ञान विभाग ने विश्व
पर्यावरण दिवस वर्चुअल मोड के माध्यम से मनाया। इस आयोजन का विषय ‘पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली’ था,
जिसका नारा’ पुन: निर्माण, पुन: कल्पना और पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली’ रहा। इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस
2021-2030 की अवधि के लिए संयुक्त राष्ट्र पारिस्थितिकी तंत्र बहाली दशक कार्यक्रम की शुरुआत करेगा।
इस अवसर पर पर्यावरण विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर एस के भारद्वाज ने विश्व पर्यावरण दिवस के बारे में
बताया। उन्होंने कहा कि इस दिन को मनाते हुए हम सभी को प्रकृति के प्रति अपना आभार प्रकट करना चाहिए।
डॉ भारद्वाज ने बताया कि प्रकृति समय समय पर हमें अपने तरीके सुधारने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में
कार्य करने के लिए संकेत देती रहती है। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी ने यह साबित कर दिया है कि मानव
द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के असंतुलित उपयोग से प्रकृति में अपरिवर्तनीय परिवर्तन हुए हैं। उन्होंने कहा कि
पारिस्थितिक तंत्र के क्षरण को रोकने और उलटने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर कार्रवाई करने का समय सही है
ताकि संतुलन बहाल हो और इस ग्रह को आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाया जा सके।
ऑनलाइन कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के 65 से अधिक स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों और शिक्षकों ने भाग लिया।
स्लोगन राइटिंग, पेंटिंग, फोटोग्राफी, शॉर्ट वीडियो और क्विज जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का वर्चुअल रूप से
आयोजन किया गया। कंचन, नेहा अवस्थी, साक्षी वर्मा ने क्रमश: स्लोगन राइटिंग, पेंटिंग और नेचर फोटोग्राफी
प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता में पीएचडी प्रथम वर्ष की छात्रा अमिता
शर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। लघु वीडियो प्रतियोगिता आशिमा रैना ने जीती। छात्रों ने संकाय के साथ
व्यक्तिगत आधार पर प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र के संरक्षण और पुनर्स्थापना का संकल्प लिया। धन्यवाद ज्ञापन
डॉ प्रतिमा वैद्य द्वारा प्रस्तुत किया गया।















