DNN नौणी (सोलन)
हिमाचल प्रदेश के बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने डॉ वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी का दौरा किया और यहाँ चल रहे विभिन्न शोध कार्यों का जायज़ा लिया। विश्वविद्यालय के कुलपति डा॰ एचसी शर्मा ने विश्वविद्यालय परिसर में उनका स्वागत किया। इस अवसर परविश्वविद्यालय के वैधानिक अधिकारी और संकाय भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर बागवानी मंत्री ने हिमाचल के संस्थापक डॉ वाईएस परमार को पुष्पांजलि अर्पित की और परिसर में एक सैंडलवुड पेड़ लगाया। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा की जा रही विभिन्न शोध गतिविधियों का जायज़ा लिया और विदेशी सब्जी, औषधीय और सुगंधित पौधों,शून्य लागत प्राकृतिक खेती,एग्रोफोरेस्ट्रीके प्रयोगात्मक फार्म का दौरा किया। उन्होंने वैज्ञानिकों से बातचीत की और उनकी शोध गतिविधियों के बारे में जाना। बागवानी मंत्री ने किवी ब्लॉक, फल विज्ञान विभाग की नर्सरी और विभिन्न रूटस्टॉक्स और विविध संयोजनवाले उच्च घनत्व सेब बागानों का दौरा किया।
उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों से गुणवत्ता रोपण सामग्री की क्षमता बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों से अपने शोध और विस्तार गतिविधियों को बढ़ाने और निचले शिवालिक हिल्स में फल और सब्जियों के उत्पादन में वृद्धि के लिए लिची,अमरूद, आम और नींबू के फल पर अपने काम का विस्तार करने के लिए परियोजनाओं का विकास करने के लिए कहा। विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों और वैधानिक अधिकारियों से भी अपने शोध और विस्तार गतिविधियों को बढ़ाने के बारे में बातचीत की और पिछले दो-तीन वर्षों में विश्वविद्यालय द्वारा की गई प्रगति की सराहना की। इस मौके पर कुलपति डा॰ शर्मा ने पिछले एक साल में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के बारे में एक संक्षिप्त प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने शिक्षा,अनुसंधान और विस्तार शिक्षा में बेहतर कार्य करने की ओर अग्रसर है और भारत के शीर्ष विश्वविद्यालयों में अपना स्थान बनाने में कामयाम हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष के मुक़ाबले इस साल अधिक अनुसंधान परियोजनाएँ विभिन्न संस्थाओं को भेजी गई है जिसमें में कई स्वीकृत भी हो गई है। इसके अलावा 11,000 से अधिक किसानों को इस साल प्रशिक्षण दिया गया है और विश्वविद्यालय के छात्रों ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भी पिछले साल के मुक़ाबले अच्छा प्रदर्शन किया है। कुलपति ने राज्य सरकार और बागवानी मंत्री का विश्वविद्यालय को अतिरिक्त वित्तीय सहायता के लिए भी धन्यवाद दिया,जिससे विश्वविद्यालय केकर्मचारियों और सेवानिवृत्त लोगों के लंबित एरियर्सदिये जा सकें हैं। इस साल 58 करोड़ रूपये की ग्रांट इन ऐड भी एक ही बार में जारी करने के लिए भी उनका धन्यवाद किया।

















