DNN सोलन ब्यूरो
17 फरवरी। जिला सोलन में सड़क सुरक्षा नियमों का पाठ पढ़ाने के लिए चलाए गए अभियान का बुधवार को समापन हुआ। इस अभियान में जिला के विभिन्न जगहों में जाकर कार्यकर्मों का आगाज किया गया। सोलन जिला में यह अभियान 18 जनवरी से 17 फरवरी तक चलाया गया। इस अभियान में लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों के बारे में जानकारी दी गई है, ताकि लोग सुरक्षित अपने वाहनों को चला सके। सोलन में माहभर तक चले इस कार्यक्रम समापन अवसर के दौरान भी लोगों को कई प्रकार की जानकारी क्षेत्रीय परिवहन विभाग द्वारा दी गई।

एसडीएम सोलन रहे मुख्यातिथि
इस समापन अवसर पर उपमंडलाधिकारी सोलन अजय कुमार यादव ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम सब को अपनी जिम्मेवारी समझनी होगी। तभी हम अपनी जान को बचा सकेंगे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 में हुए लॉकडाउन में सड़कों पर वाहन कम होने के कारण सड़क दुर्घटनाएं भी कम हुई है। सड़क दुर्घटनाएं न हो इसके लिए लोगों में जागरूकता लाई जा रही है। उन्होंने बताया कि भारत में प्रतिवर्ष 5 लाख से अधिक दुर्घटनाएं होती है और इसमें सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं है। इन दुर्घटनाओं में लगभग डेढ़ लाख से अधिक लोगों की जान जाती है। यह आंकड़ा चौकाने वाला होता है, जिसमे हम स्वयं सावधनी बरतकर चले तो कमी ला सकते है। इस मौके पर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सोलन सुरेश सिंघा ने जागरूकता माह के बारे में जानकारी दी और कहा कि अभियान के दौरान ही नहीं बल्कि आगामी दिनों में भी लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों के बारे में जानकारी दी जाएगी। 

सड़क दुर्घटनाओं में अधिक होते है मानवीय कारण
वाहन जोश से नहीं होश से चलाया जाना चाहिए। तभी हम अपनी जान को सुरक्षित रख सकते है। यह बात शूलिनी बस ऑपरेटर यूनियन सोलन के प्रधान रघुवीन्द्रा मेहता ने कही। उन्होंने कहा कि अधिकतर सड़क दुर्घटनाएं मानवीय कारणों से। हमारी थोड़ी सी गलती दुर्घटनाओं का कारण बन जाती है। इसे रोकने के लिए ही सभी बातों को जीवन शैली में उतारना होगा। उन्होने कि जब तक हम नियमों को अपनी जीवन शैली में नहीं उतरेंगे तब तक इन अभियानों का कोई फायदा नहीं होगा। इसी के साथ उन्होंने कहा कि ड्राइवर को शांत दिमाग से वाहन को चलाना चाहिए ताकि वह अपने आप के साथ सभी को सुरक्षित रख सके। यही नहीं उन्होंने कहा कि युवा लाइसेंस बनाने की होड़ में लगे रहते है। सबसे पहले उन्हें सड़क सुरक्षा नियमों के बारे में बताया जाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने विभाग को एक प्रस्ताव भी दिया है कि एक टॉल फ्री नम्बर भी जारी हो, ताकि सड़क पर नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ आम जन भी बता सके और उन पर तुरंत कार्रवाई हो सके।

चलाने से पहले होनी चाहिए वाहनों की फिटनेस की जानकारी
उधर, क्षेत्रीय प्रबंधक सोलन सुरेश धीमान ने कहा कि जिस प्रकार आजकल वाहन आ चुके उनकी फिटनेस के बारे में पूर्ण जानकारी होना वाहन चालकों को आवश्यक है। इसी के साथ अधिकतम कैपेसिटी से अधिक लोग भी सवार नहीं होने चाहिए। बस दुर्घटनाओं में अकसर यही कारण होते है कि ओवर स्पीड और ओवरलोडिंग दुर्घटनाएं हुई है।
मौके पर सम्मानित किए स्कूली छात्र
इस अभियान के दौरान विभिन्न प्रकार के नुक्क्ड़ नाटक, कला प्रतियोगिता, स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया और स्कूली छात्र-छात्रों को सम्मानित भी किया गया। पेटिंग प्रतियोगिता में पहले स्थान पर वंशिका शर्मा, दूसरे स्थान पर मयंक रघुवंशी व तीसरे स्थान पर भूमिका रही है। इसी के साथ स्लोगन प्रतियोगिता में ऋतिक प्रथम, वंशिका शर्मा दूसरे व राधिका तीसरे स्थान पर रही।
यह रहे मौजूद
इस मौके पर आरटीए सदस्य मदन मोहन मेहता, मां शूलिनी ऑटो यूनियन के प्रधान धर्मपाल, एआरटीओ सोलन नरेश कुमार, हरमेल सिंह व आरटीओ ऑफिस के सभी कर्मी मौजूद रहे।















