जिला स्तरीय सलाहकार एवं समन्वय समीक्षा समिति की बैठक आयोजित

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DNN कुल्लू

9 मार्च। लोगों को बेहतर सेवाएं एवं प्रायोजित योजनाओं का समयबद्ध लाभ प्रदान करने के लिए यह जरूरी है कि बैंकों का आपस में बेहतर तालमेल व समन्वय हो। यह बात अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी एस.के. पराशर ने जिला परिषद सम्मेलन कक्ष में आयोजित जिला स्तरीय सलाहकार एवं समन्वय समीक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। पराशर ने कहा कि सभी सरकार योजनाओं के लाभ के संबंध में यदि कोई भी व्यक्ति बैंक में आए तो अनावश्यक पेपर कार्य एवं औपचारिकताओं में जरूरतमंद उलझाने के बजाए उसकी समस्या का समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि बैंकोें को ऋण व जमा अनुपात में सुधार करना चाहिए और इसी प्रकार एनपीए के मसलों को विशेष प्राथमिकता देते हुए इन्हें बेहतर बनाना चाहिए।
भारतीय रिजर्व बैंके के अधिकारी स्वर ग्रोवर ने निर्देश दिए कि जिला में सभी बैंकों द्वारा जिला में वित्तीय साक्षरता शिविरों का आयोजन समय-समय पर किया जाना चाहिए। ऐसा न करने पर बैंक प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा की गई है, उन सभी को बैंक गंभीरतापूर्वक लें और धरातल तक योजनाओं को पहुंचाए। उन्होंने सीडी अनुपात व एनपीए में सभी बैंकों से सुधार लाने की बात भी कही।
अगणी बैंक प्रबंधक पामा छेरिंग ने बैठक में अवगत करवाया गया कि जिला में 129 शाखाओं सहित 21 विभिन्न बैंक अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। इसके अलावा 125 एटीएम बैंक सेवाओं में सहयोग कर रहे हैं। गत दिसम्बर तक प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में बैंको के 2252 करोड़ के बकाया ऋण जबकि गैर प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में यह राशि 840 करोड़ रुपये की है। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में कृषि में 958.16 करोड़, लघु व मध्यम उद्योगों में 833.49 करोड़, आवास में 350 करोड़, शिक्षा क्षेत्र में 25.18 करोड़ के ऋण वितरित किए गए हैं।
पामा छेरिंग ने बताया कि गत दिसम्बर के दौरान सीडी अनुपात 42.40 प्रतिशत था जो दिसम्बर 2019 के मुकावले 1.4 प्रतिशत अधिक है। राष्ट्रीय मानदण्ड 60 प्रतिशत है। इण्डियन बैंक, एक्सिस बैंक, यश बैंक तथा इण्डसइण्ड बैंक की सीडी अनुपात 25 फीसदी से भी कम है। एनपीए श्रेणी में कुल 8726 बैंक खाते हैं जिनमें 275 करोड़ के ऋण बकाया है जो लगभग 9 फीसदी है। जिला में 1528 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के मुकावले वार्षिक ऋण योजना 2020-21 में 763.13 करोड़ वितरित किए जा चुके हैं जो लगभग 50 प्रतिशत है। किसान क्रैडिट योजना के तहत 32732 बैंक खातों में से 26324 को रूपे कार्ड जारी किए जा चुके हैं। बैंकों को शेष कार्ड जारी करने को कहा गया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 86 स्वयं सहायता समूहों को बैंको से जोड़कर 164.47 लाख रुपये के ऋण प्रदान किए गए। बुनकर मुद्रा योजना के तहत दो खातों में केवल दो लाख रूप्ये स्वीकृत किए गए हैं। प्रधानमंत्री मुदा्र योजना के तहत शिुशु के तहत 2153 खातों में 1000.65 लाख, किशोरों के 3788 खोतों में 7478 लाख तथा तरूण के 3246 खातों में 11681 लाख की राशि गत दिसम्बर तक बकाया है। बैठक में पंजाब नेशनल बैंक के वृत प्रमुख विजय कुमार, परियोजना अधिकारी डीआरडीए सुरजीत ठाकुर, डीडीएम नाबार्ड ऋषभ ठाकुर, आईटीआई शमशी के प्राचार्य के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी व समस्त बैंकों के प्रबंधक उपस्थित रहे।
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