गिरीपार अनुसूचित जाति अधिकार संरक्षण समिति ने नाहन में निकाली रोष रैली, पीएम मोदी से उठाई ये अहम मांग

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DNN नाहन

11 जुलाई। गिरीपार अनुसूचित जाति अधिकार संरक्षण समिति जिला सिरमौर के बेनर तले सोमवार को जिला मुख्यालय नाहन में दलित समुदाय से जुड़े विभिन्न संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। सैंकड़ों की तादाद में दलित समुदाय के लोगों ने बस स्टैंड से लेकर डीसी कार्यालय तक एक विशाल रैली निकाली। इस दौरान दलित समुदाय के लोगों ने अपने अधिकारों के संरक्षण हेतू जमकर नारेबाजी की। तत्पश्चात डीसी कार्यालय में धरना देने के पश्चात उपायुक्त सिरमौर के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ज्ञापन भेजा, जिसमें जनजातीय दर्जा मिलने से हो रहे नुक्सान को रोकने की मांग की गई।
मीडिया से बात करते हुए दलित शोषण मुक्ति मंच के जिला संयोजक आशीष कुमार ने कहा कि जिला सिरमौर के गिरीपार क्षेत्र की 154 पंचायतों को जनजातीय दर्जा देने का मुद्दा संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि गिरीपार क्षेत्र को जनजातीय घोषित किया जाए, इसको लेकर समिति को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन दलित समुदाय के अधिकारों का भी ध्यान रखना होगा।
आशीष कुमार ने कहा कि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 115 मामले एट्रोसिटी के जिला में दर्ज हुए है, जिसमें से 106 मामले गिरीपार की इन्हीं 154 पंचायतों से है। ऐसे में केंद्र सरकार व आरजीआई को इस बात को ध्यान में रखना चाहिए कि यदि वह गिरीपार क्षेत्र को जनजातीय क्षेत्र घोषित करने जा रहे हैं, तो यहां की 40 प्रतिशत एससी, ओबीसी की आबादी के संरक्षण के बारे में भी विचार करना होगा। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि बेशक गिरीपार को जनजातीय दर्जा प्रदान किया जाए, लेकिन सबसे पहले दलित समुदाय के अधिकारों पर ध्यान दिया जाए।
बाइट: आशीष कुमार, जिला संयोजक, दलित शोषण मुक्ति मंच
कुल मिलाकर एक ओर जहां चुनावी साल में सिरमौर जिला का हाटी समुदाय केंद्र सरकार से क्षेत्र को जनजातीय दर्जा देने की लगातार मांग कर रहा है, तो वहीं जिला का दलित समुदाय भी अब अपने अधिकारों को लेकर पूरी तरह से लामबंद हो चुका है।

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