क्षेत्रवाद की राजनीति कर रहे हैं विक्रमादित्य, कैबिनेट मंत्री को ऐसे बयान शोभा नहीं देते : सतपाल सत्ती

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-अपने ही अफसरों, नेताओं और सरकार पर सवाल उठाना विक्रमादित्य की आदत बन चुकी है : सतपाल सत्ती
– अपने विभाग में काम न होने की खीज भाजपा पर निकाल रहे हैं विक्रमादित्य, कांग्रेस की गुटबाजी का असर उनके बयानों में दिखता है : सतपाल सत्ती
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शिमला। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कांग्रेस के कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह द्वारा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल पर की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि उनके बयान स्पष्ट रूप से क्षेत्रवाद की राजनीति को बढ़ावा देने वाले हैं। उन्होंने कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे कैबिनेट मंत्री से इस प्रकार की संकीर्ण और विभाजनकारी भाषा की अपेक्षा नहीं की जा सकती। प्रदेश को जोड़ने का दायित्व निभाने के बजाय विक्रमादित्य सिंह समाज को बांटने वाली राजनीति कर रहे हैं।
सतपाल सत्ती ने कहा कि यह पहला अवसर नहीं है जब विक्रमादित्य सिंह ने गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया हो। इससे पहले भी वे अपने ही अधिकारियों, अपनी ही सरकार और अपनी ही पार्टी के नेताओं के विरुद्ध सार्वजनिक रूप से बयानबाजी कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों के कारण कई बार कांग्रेस सरकार को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा है और स्वयं मुख्यमंत्री तथा पार्टी नेतृत्व को भी उनसे दूरी बनानी पड़ी है।
उन्होंने कहा कि जनवरी 2026 में बाहरी राज्यों से आए आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को लेकर दिए गए उनके बयान ने पूरे प्रशासनिक तंत्र में विवाद खड़ा कर दिया था। प्रदेश के आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के संगठनों ने भी इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। अंततः उनकी अपनी ही सरकार और मुख्यमंत्री को इस बयान से किनारा करना पड़ा। इससे पहले स्ट्रीट वेंडर्स और दुकानों पर नेम प्लेट लगाने के बयान पर भी कांग्रेस नेतृत्व को सार्वजनिक रूप से सफाई देनी पड़ी थी। हाल ही में राम मंदिर के चंदे की जांच संबंधी बयान देकर उन्होंने फिर अनावश्यक विवाद खड़ा कर दिया।
सतपाल सत्ती ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में आजकल एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ लगी हुई है और इसी प्रतिस्पर्धा में उसके नेता बिना सोचे-समझे बयान देकर सुर्खियां बटोरने का प्रयास करते हैं। विक्रमादित्य सिंह भी इसी प्रवृत्ति का शिकार हैं और राजनीतिक परिपक्वता के बजाय बचकाने बयान देकर अपनी ही पार्टी और परिवार के लिए असहज स्थिति उत्पन्न कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लोक निर्माण मंत्री होने के बावजूद विक्रमादित्य सिंह अपने विभाग में अपेक्षित कार्य नहीं करवा पाए हैं। प्रदेश की सड़कें बदहाल हैं, विकास कार्य प्रभावित हैं और जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने विभाग की विफलताओं और सरकार के भीतर अपनी उपेक्षा की खीज अब वे भाजपा नेताओं पर व्यक्तिगत टिप्पणियां करके निकाल रहे हैं।
सतपाल सत्ती ने कहा कि प्रदेश की जनता अब ऐसे भ्रामक और विभाजनकारी बयानों से प्रभावित होने वाली नहीं है। जनता कांग्रेस सरकार से विकास, सुशासन, बेहतर सड़कें, रोजगार और जनहित के कार्यों का हिसाब मांग रही है। उन्होंने विक्रमादित्य सिंह को सलाह दी कि वे अनर्गल बयानबाजी छोड़कर अपने विभाग की जिम्मेदारियों पर ध्यान दें और प्रदेश के विकास के लिए गंभीरता से कार्य करें।

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