एनआईटी में स्वीकृत  पदों पर रेगुलर भर्ती न करना दाल में कुछ काला:  राजेंद्र राणा

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DNN हमीरपुर
22 सितम्बर: सुजानपुर के विधायक व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र राणा ने एक बार फिर हमीरपुर स्थित एनआईटी संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे एनआईटी के पूर्व निदेशक को पद से हटाए जाने से ही इस संस्थान में हुई अनियमितताओं का गड़बड़ के पाप नहीं धुलने वाले  बल्कि पूर्व निदेशक के कार्यकाल में हुई भर्तियों के बारे में सरकार ने जिस तरह चुप्पी साध रखी है, उससे यह साफ लगता है कि इस पूरे गड़बड़ झाले के तार कई हाईप्रोफाइल लोगों से जुड़े हुए हैं।
आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि सूत्रों के अनुसार एनआईटी हमीरपुर के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने क्लेरिकल के अढाई सौ से अधिक पदों को रेगुलर आधार पर भरने की मंजूरी प्रदान की हुई है लेकिन इन पदों को नियमित आधार पर भरने की बजाए आउट सोर्स आधार पर भरने की जो चोरी-छिपे कवायद चल रही है , उससे साफ पता चलता है कि इन विधानसभा चुनावों से पहले अपने चहेतों को पिछले दरवाजे से इस संस्थान में एडजस्ट करने की कोशिश की जा रही है और एक बार फिर से मेहनती व प्रतिभाशाली पात्र युवाओं की अनदेखी होने जा रही है। राजेंद्र राणा ने कहा कि इस खेल में शामिल लोगों को बेनकाब किया जाएगा और प्रतिभा की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।
 उन्होंने कहा इससे पहले प्रदेश में पुलिस भर्तियों में भी पारदर्शिता नहीं बरती गई और भर्तियां कैंसिल करनी पड़ी जिससे हजारों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ। अब एक बार फिर से सत्ता में बैठे कुछ लोग अपने दलगत स्वार्थ की पूर्ति के लिए युवाओं के भविष्य को दांव पर लगाने के जो  मंसूबे पाले हुए हैं, उन्हें हरगिज पूरा नहीं होने दिया जाएगा।
राजेंद्र राणा ने एनआईटी के पूर्व निदेशक प्रोफेसर विनोद यादव के कार्यकाल में नियुक्तियों और पदोन्नतियों में हुई कथित अनियमितताओं की जांच ठंडे बस्ते में डाले जाने पर भी अफसोस जाहिर किया है। उन्होंने इस बारे भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के प्रधान सचिव और गृह मंत्रालय के प्रधान सचिव गृह को भी पत्र लिखकर मामले का तुरंत संज्ञान लेने को कहा है, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। उन्होंने कहा कि जो लोग आवश्यक योग्यताएं और पात्रता की शर्तें पूरी नहीं करते थे, उन पर एनआईटी संस्थान पूरी तरह मेहरबान रहा था और पात्र लोगों की अनदेखी हुई थी। राजेंद्र राणा ने अपने पत्र में यह भी जानना चाहा है कि इन अनियमितताओं के आरोप में पद से हटाए गए एनआईटी के पूर्व डायरेक्टर प्रोफेसर  विनोद यादव को सरकार द्वारा टर्मिनेट किया गया है या नहीं।

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