आलोक सिंह कांगड़ा तो सतपाल जस्सल ऊना जिला के प्रभारी बने

Baddi + Doon Others Solan

DNN बद्दी
औद्योगिक संगठन लघु उद्योग भारती ने हिमाचल प्रदेश के तमाम 12 जिलों में काम पहुंचाने के लिए संगठन का विस्तार करते हुए प्रभारियों व सह प्रभारियों की तैनाती कर दी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के दिशा निर्देशों के बाद प्रदेश इकाई ने तमाम जिलों के लिए प्रभारी व सह प्रभारियों की घोषणा कर दी है। अभी लघु उद्योग भारती का सोलन, सिरमौर, ऊना व कांगड़ा जिले में ही कार्य है। आठ जिलों में अब भी संगठन की सदस्यता बाकी है। वर्तमान में संगठन का रजत जयंती वर्ष चल रहा है जिसका महास मेलन 2019 में नागपुर में होना तय हुआ है। इससे पहले संगठन का लक्ष्य है कि देश के जिले में काम हो और कोई भी जिला वंचित न रहे। प्रदेश महामंत्री राजीव कंसल व राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष नेत्र प्रकाश कौशिक ने बताया कि प्रांत के सबसे बडे जिले के प्रभारी आलोक सिंह व सह प्रभारी राजेश गुप्ता व सचिन शर्मा होंगे।

ऊना जिले के लिए सत्तपाल जस्सल प्रभारी व अनिल स्पाटिया तथा रणेश ठाकुर सह प्रभारी होंगे। कुल्लू के प्रभारी की कमान राज्य के सीनीयर वाईस प्रैजीडेंट नेत्र प्रकाश कौशिक को सौंपी गई है जबकि अनिल मलिक सह-प्रभारी होंगे। बिलासपुर की कमान पवन कुमार ठाकुर को प्रभारी के रुप में सौंपी गई है व संजय आहुजा सह प्रभारी होंगे। हमीरपुर व चंबा जिले के प्रभारी संजीव शर्मा होंगे। हरबंस पटियाल मंडी के प्रभारी व आर.एस राणा तथा एन.पी कौशिक सह प्रभारी होंगे। शिमला के प्रभारी राज्य कोषाध्यक्ष विकास सेठ होंगे जबकि विक्रम बिंदल उनके सहयोगी व मार्गदर्शक रहेंगे। सबसे बडा औद्योगिक जिला सोलन राज्य महामंत्री राजीव कंसल के हवाले रहेगा वहीं राज्य का दूसरा बडा औद्योगिक जिला सिरमौर प्रदेशाध्यक्ष डा विक्रम बिंदल प्रभारी के रुप में स्वयं देखेंगे जबकि अश्विनी गर्ग सह प्रभारी होंगे।

नियुक्तियां करने बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र गुप्त ने सभी प्रभारियों से आहवान किया कि कि रजत जयंती समारोह से पहले हिमाचल प्रांत के समस्त जिलों में काम खड़ा करना है। इसके लिए सभी वरिष्ठ कार्यकर्ता सप्ताह में एक दिन संबधित जिले का प्रवास करें ताकि वहां भी संगठन का विस्तार हो सके। उन्होने कहा कि अगर हम देश हित में अपना काम छोडकर हफते में एक दिन संगठन के कार्य के लिए देंगे तो जल्द ही सार्थक परिणाम आने तय है बस संकल्प हमें लेना है। अभी प्रदेश में 651 के लगभग सदस्य है और रजत जयंती अगले वर्ष से पहले यह सदस्यता दोगुनी करना हमारा लक्ष्य है जिसको हमने मिल बैठकर दिन रात काम करते हुए पूरा करना है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि अब सुस्ती डालने से काम नहीं चलेगा बल्कि जो जि मेदारियां दी गई है उसका ईमानदारी से पालन करने हुए वांछित परिणाम देने होंगे। लघु उद्योग भारती ने पिछले पाचं साल में केंद्र सरकारों से सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के हित में कई नीतियां बनाई है। हमने गलत नीतियों का विरोध भी किया है क्योंकि लघु उद्योग ही एकमात्र ऐसा साधन है जो 80 फीसदी रोजगार देता है जबकि इसको फायनेंस व लोन का मात्र 20 फीसदी हिस्सा ही मिलता है। लघु उद्योगों का बहुत कम लोन एनपीए होता यह आज तक के आंकडे बताते है। अब सरकारों को लघु उद्योगों के उत्थान के साथ साथ उनके सामाजिक सुरक्षा के बारे में भी गंभीरता से सोचना होगा जिसके लिए लघु उद्योग भारती संघर्ष कर रही है।

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