शूलिनी मेले में इस बार ये होगा आकर्षण का केंद्र पढि़ए क्या क्या तय हुआ बैठक में

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DNN सोलन

प्रसिद्ध राज्य स्तरीय शूलिनी मेले के आयोजन से जुड़े विभिन्न प्रबंधों की समीक्षा को लेकर आज बैठक का आयोजन उपायुक्त कार्यालय के सभागार में किया गया। बैठक की अध्यक्षता सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने की। इस मौके पर विधायक डाॅ. धनीराम शांडिल के अलावा पूर्व विधायक गोविंद शर्मा, राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम गुलेरिया, उपायुक्त विनोद कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मधुसूदन शर्मा, भाजपा के राज्य सचिव रतन सिंह पाल, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी विवेक चंदेल के अलावा मेले के प्रबंधों से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी और मेला आयोजन समिति के गैर सरकारी सदस्य भी मौजूद रहे।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि सोलन का प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक शूलिनी मेला 21 जून से धार्मिक रस्मों के साथ शुरू होगा। डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि मेले समानता और एकता की भावनाओं को भी सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। उन्होंने कहा कि शूलिनी मेले को भी परस्पर समन्वय के साथ परंपराओं के मुताबिक आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें इस बात का भी पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने माता शूलिनी के दर्शनों के लिए उपयुक्त स्थान की व्यवस्था करने के लिए भी कहा ताकि श्रद्धालु बिना किसी व्यवधान के दर्शन कर सकें।
बैठक के दौरान यह फैसला भी लिया गया कि मेले की सांस्कृति संध्याओं में हिमाचली लोक संस्कृति को प्राथमिकता दी जाएगी।  इसके अलावा संगीत की विभिन्न शैलियों के समावेश पर आधारित कार्यक्रम भी रहेंगे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने इस बात की जरूरत पर भी जोर दिया कि सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में फूहड़पन परिलक्षित नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हिमाचल के बेजोड़ और प्रसिद्ध वादकों को भी अवसर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा को सांस्कृतिक समिति इसी के अनुरूप तय करें।
बैठक में मेले के दौरान खेल और अन्य स्पर्धाओं के आयोजन और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। मेले में कुश्ती प्रतियोगिताओं का आयोजन पारंपरिक अखाड़ा पद्धति के अलावा आधुनिक मैट पर भी किया जाएगा ताकि युवा पीढ़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली कुश्ती प्रतियोगिताओं के गुर भी सीख सकें। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि मेले में आयोजित होने वाले विभिन्न तरह के शो में गोवंश पर आधारित शो भी होना चाहिए। जिसमें देसी नस्ल की गोलू को प्रदर्शित किया जा सके।  उन्होंने कहा कि इसके लिए उपयुक्त स्थान तय किया जाए। इस शो में गोवंश की विशेषताओं के अलावा गोवंश पर किए गए शोध के विवरण भी प्रदर्शित किए जाएं ताकि लोग गोवंश के महत्व और उपयोगिता को समझ सकें।
उन्होंने यह सुझाव भी दिया कि शूलिनी मेले में थीम आधारित कवि सम्मेलनों का भी समावेश किया जाए। हर वर्ष किसी थीम पर आधारित कवि सम्मेलन अवश्य रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बार चित्रकला प्रतियोगिता तीन वर्गों में आयोजित की जाएगी ताकि बच्चों के अलावा युवा और प्रौढ़ वर्ग के कलाकार भी अपनी कला का जौहर दिखा सकें। उन्होंने कहा कि मेला आयोजन समिति भंडारों की अनुमति उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही सुनिश्चित  करेगी। उन्होंने कहा कि भंडारों की अनुमति को लेकर त्वरित व्यवस्था रहनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग मेले के दौरान विभिन्न जगहों पर अपनी टीमों के माध्यम से औचक निरीक्षण करके खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर निरीक्षण करेगा ताकि मेले के दौरान लोगों को घटिया खाद्य और पेय पदार्थ ना बेचे जा सकें।
मेले की अवधि के दौरान शहर में विभिन्न जगहों पर आपात चिकित्सा  व्यवस्था के लिए एंबुलेंसों की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

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