DNN धर्मशाला
प्राकृतिक संसाधनों के लगातार दोहन एवं वन क्षेत्रों की कमी से पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है जिसके चलते ही आज ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याओं से भी जुझना पड़ रहा है इसलिए आज के दौर में पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
यह उद्गार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री विपिन परमार ने बुधवार को सुलह विधानसभा क्षेत्र के अरला में भारतीय जनसेवा संस्था द्वारा आयोजित औषधीय पौधे वितरण समारोह में बतौर मुख्यातिथि व्यक्त किए। इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री ने रूद्राक्ष का पौधा रोपित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में छह सौ के करीब आंवला, बेहड़ा, जामुन तथा हरड़ के औषधीय पौधे वितरित किए गए।
उन्होंने कहा कि राज्य में हरित विद्यालय कार्यक्रम आरंभ किया गया है ताकि विद्यार्थी बाल्यकाल से ही पौधारोपण जैसे प्रकल्पों के साथ जुड़ने से निश्चित तौर पर भविष्य में पर्यावरण को बेहतर तरीके से संरक्षित कर सकें। उन्होंने कहा कि यदि बाल्य एवं युवा काल से ही छात्र पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का हिस्सा बना लेंगे तो न केवल स्वयं के लिए एक बेहतर भविष्य का निर्माण करेंगे बल्कि प्रकृति के संरक्षण और पौषण का उदद्ेश्य भी पूर्ण होगा। इस अवसर पर मुख्यातिथि ने भारतीय जनसेवा संस्था को सामाजिक प्रकल्पों के लिए पचास हजार की राशि स्वीकृत किया गया तथा स्कूली बच्चों को सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए पांच पांच हजार की राशि स्वीकृत की गई तथा मुख्यमंत्री राहत कोष से धीरा उपमंडल के 17 लाभार्थियों को तीन लाख की सहायता राशि भी प्रदान की गई। इस अवसर पर भाजपा के अध्यक्ष देश राज शर्मा, महामंत्री चंदरवीर, रमेश परिहार, भारतीय जनसेवा संस्था के सचिव विजय शर्मा, दीपक नाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।















