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डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के एक पूर्व छात्र ने हिमाचल प्रदेश वन सेवा (सहायक वन संरक्षक) परीक्षा-2025 में प्रथम स्थान प्राप्त कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। इस परीक्षा का परिणाम 2 जून को हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा घोषित किया गया।
शिमला जिले के नकसेटली गांव निवासी अमित झरेट ने घोषित परिणामों में प्रदेश भर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। अमित ने वर्ष 2016-2020 बैच के दौरान नौणी विश्वविद्यालय से बीएससी. (ऑनर्स) वानिकी की डिग्री प्राप्त की थी।
अपनी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अमित ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और मार्गदर्शकों के निरंतर सहयोग, मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन को दिया। उन्होंने कहा कि उनके अटूट विश्वास के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं हो पाती।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को सलाह देते हुए अमित ने समर्पण, अनुशासन और निरंतर प्रयास के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूरी निष्ठा और सौ प्रतिशत प्रयास करने चाहिए। उन्होंने एक वैकल्पिक योजना (प्लान-बी) रखने के महत्व पर भी प्रकाश डाला और कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं अत्यंत अनिश्चित होती हैं। ऐसे में एक वैकल्पिक करियर विकल्प तनाव को कम करने के साथ-साथ व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास को भी सुनिश्चित करता है। उन्होंने सिविल सेवा और वानिकी क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले सभी अभ्यर्थियों को अनुशासित, निरंतर प्रयासरत और धैर्यवान बने रहने का संदेश दिया। सफलता मिलने में समय लग सकता है, लेकिन ईमानदार मेहनत, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास अंततः सकारात्मक परिणाम अवश्य देते हैं।
अमित ने अपने शिक्षकों और विश्वविद्यालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें मजबूत शैक्षणिक आधार और निरंतर प्रोत्साहन प्रदान किया, जिसने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विश्वविद्यालय के सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण की भी सराहना की, जिसने उनके पेशेवर दृष्टिकोण को विकसित करने और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार होने में सहायता की।
अमित की इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए कुलपति डॉ. एच.एस. बावेजा ने कहा कि उनकी सफलता विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि वानिकी के विद्यार्थी ऐसी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, क्योंकि वे अपनी शिक्षा के दौरान अर्जित ज्ञान एवं कौशल का उपयोग वन संसाधनों के संरक्षण, प्रबंधन और सतत विकास में प्रभावी रूप से कर सकते हैं। विश्वविद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने भी अमित को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धि पर बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य और सफल करियर की कामना की।














